गुरुवार ,९ अक्टूबर को स्वीडिश अकादमी ने साहित्य के नोबेल पुरस्कार का एलान कर दिया है। इन पुरस्कारों की घोषणा शाम ४ . ३० को की थी। इन पुरस्कारों में अहम होने वाला पुरस्कार याने साहित्य का नोबेल पुरस्कार। यह पुरस्कार इस बार हंगेरी के लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई को दिया जाने वाला है, ऐसी घोषणा सामने आई है। यह पुरस्कार हर किसी को नहीं मिलता। जिसने भी साहित्य क्षेत्र में अपना योगदान देते हुए कुछ अच्छी कविताएँ और शानदार किताबे लिखी है उनके लिए होता है।


स्वीडिश अकादमीने लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई की रचनओं के बारे में कहा है की , " इनकी रचनाएं बहुत प्रभावशाली और दूरदर्शी हैं. वे दुनिया में तबाही और डर के बीच भी कला की ताकत को दिखाती है" यह मध्य यूरोपीय परंपरा के महाकव्य लिखने वाले लेखक है। काफ्का से थॉमस बर्नहार्ड तक फैली हुई है और उनकी विशेषता बेलौसपन है।

1985 उनका पहला उपन्यास सैतानटैंगो प्रकाशित हुआ था। साथ ही उन्हे एक लेखक के तौर पर साबित किया था। इसमें साम्यवाद के पतन से ठीक पहले, हंगरी के ग्रामीण इलाके में एक बंजर खेत पर रहने वाले बेसहारा निवासियों के समूह पर केंद्रित था.


नोबेल साहित्य पुरस्कार 2025 में हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई की जीत ने साहित्य प्रेमियों में उत्साह पैदा कर दिया है। स्वीडिश एकेडमी ने बताया कि उनकी किताबों में गहरी दार्शनिक सोच है और ये आधुनिक समाज के संकटों, अराजकता और मानव स्वभाव के दोषों और गुणों को बेबाकी से उजागर करती हैं। लास्जलो की रचनाएं उदासी और सोच के गहरे आयामों को पेश करती हैं, जिसे वे पाठकों तक बड़ी मास्टरी के साथ पहुंचाते हैं।

क्रास्नाहोरकाई की सबसे चर्चित किताबों में 'सैटानटैंगो' और 'द मेलांकली ऑफ़ रेसिस्टेंस' शामिल हैं, जिन पर फिल्में भी बनाई गई हैं। 'द मेलांकली ऑफ़ रेसिस्टेंस' एक छोटे गाँव और उसके लोगों की जिंदगी के संघर्षों को दर्शाती है, जबकि 'सैटानटैंगो' पर 7 घंटे लंबी फिल्म बनाई गई, जिसे आलोचकों और दर्शकों ने सराहा। उनकी लेखनी में मानवता, अराजकता और जीवन की जटिलताओं का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिलता है।

विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 10.3 करोड़ रुपए), सोने का मेडल और सर्टिफिकेट मिलेगा। अगर पुरस्कार एक से अधिक व्यक्तियों में बाँटा जाता है तो राशि साझा की जाएगी। नोबेल पुरस्कार 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में प्रदान किए जाएंगे। इस साल अब तक फिजिक्स, केमिस्ट्री, मेडिसिन और साहित्य के पुरस्कार घोषित हो चुके हैं, और दुनिया इस बार के विजेताओं के फैसलों पर नजर बनाए हुए है।





Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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