मेट गाला 2026 में करण जौहर का अनोखा लुक ; राजा रवि वर्मा की विरासत अब न्यूयोर्क के रेड कारपेट पर..
मेट गाला 2026 में करण जौहर ने “फ्रेम्ड इन इटर्निटी” परिधान के साथ शानदार डेब्यू किया, जिसमें राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन इस लुक ने भारतीय कला और वैश्विक फैशन का अनूठा संगम दिखाया।

मेट गाला 2026 में करण जौहर
करण जौहर ने मेट गाला 2026 के प्रतिष्ठित मंच पर इस वर्ष ऐसा प्रभावशाली पदार्पण किया, जिसने वैश्विक फैशन जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोमवार को आयोजित इस बहुचर्चित आयोजन में फिल्म निर्माता करण जौहर ने अपने परिधान के माध्यम से न केवल उच्च फैशन का प्रदर्शन किया, बल्कि भारतीय कला और विरासत को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दी।
इस वर्ष की थीम “कॉस्ट्यूम आर्ट” और ड्रेस कोड “फैशन इज़ आर्ट” के अनुरूप, करण जौहर ने प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि वर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए एक विशेष परिधान धारण किया। यह परिधान प्रख्यात डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा तैयार किया गया, जिसे “फ्रेम्ड इन इटर्निटी” नाम दिया गया। यह केवल एक ड्रेस नहीं, बल्कि चलती-फिरती कला प्रदर्शनी के रूप में प्रस्तुत हुआ।
करण जौहर का यह परिधान एक संरचित, फर्श तक लंबा कोट था, जिसमें उभरे हुए कंधे और अंदर काले रंग का स्लीक परिधान शामिल था। इसके साथ जोड़ा गया नाटकीय केप इस लुक का केंद्रबिंदु रहा, जिस पर राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध कृतियों ‘लेडी विद द पीच’, ‘हंसा दमयंती’, ‘कादंबरी’ और ‘अर्जुन और सुभद्रा’ की सूक्ष्म और जीवंत पुनर्रचनाएं हाथ से उकेरी गई थीं। इस केप को पूरी तरह हाथ से पेंट किया गया था, जिसने इसे पारंपरिक रेड कार्पेट फैशन से आगे बढ़ाकर एक उत्कृष्ट कला कृति का स्वरूप दिया।
इस परिधान के निर्माण में तकनीकी और शिल्पगत दृष्टि से व्यापक परिश्रम शामिल रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे तैयार करने में 80 से अधिक कारीगरों ने लगभग 85 दिनों तक निरंतर कार्य किया, जिसमें 5600 से अधिक घंटे लगे। केप पर न केवल चित्रकारी, बल्कि जटिल ज़रदोज़ी कढ़ाई के साथ स्तंभ, कमल और हंस जैसे त्रि-आयामी तत्व भी जोड़े गए, जिससे यह परिधान और अधिक जीवंत और भव्य प्रतीत हुआ।
एक्सेसरीज़ के रूप में करण जौहर ने स्टेटमेंट रिंग्स, एक आकर्षक ब्रोच और मनीष मल्होत्रा की हाई ज्वेलरी लाइन के आभूषण पहने, जबकि उनके टिंटेड सनग्लासेस और स्लीक-बैक हेयरस्टाइल ने उनके व्यक्तित्व में विशिष्ट नाटकीयता और संतुलन जोड़ा। यह परिधान इस वर्ष की थीम की सबसे प्रत्यक्ष और प्रभावशाली व्याख्याओं में से एक माना गया, जिसमें फाइन आर्ट, कूट्योर और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वैश्विक मंच पर इस तरह का प्रस्तुतीकरण न केवल भारतीय डिजाइन और कला को नई पहचान देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि फैशन केवल परिधान नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति और विरासत का सशक्त माध्यम भी है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
