जापान में 3 मीटर तक सुनामी का खतरा ; 8.0 तीव्रता के झटकों से हिला उत्तर-पूर्वी तट
जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर 7.5 से 8.0 तीव्रता का शक्तिशाली समुद्री भूकंप आया, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर बड़े पैमाने पर निकासी की गई। इवाते, आओमोरी और होक्काइडो में असर देखने को मिला, जहां लहरें 80 सेंटीमीटर तक दर्ज की गईं और प्रशासन ने अलर्ट जारी रखा।

जापान के होंशू क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हुआ एक रिहायशी मकान
जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आज एक शक्तिशाली समुद्री भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया, जिससे तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी करनी पड़ी और बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। यह भूकंप समुद्र के भीतर आया, जिसकी तीव्रता लगभग 7.5 से 8.0 के बीच मापी गई है, जिसे बाद में रिपोर्टों में संशोधित किया गया। इसका केंद्र होंशू क्षेत्र के इवाते प्रांत के तट से दूर बताया गया, जबकि इसकी गहराई मात्र लगभग 10 किलोमीटर होने के कारण इसके झटकों का प्रभाव सतह पर अधिक तीव्र महसूस किया गया।
भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी, जिसमें तीन मीटर तक ऊंची लहरों की आशंका जताई गई। इसके चलते इवाते, आओमोरी और होक्काइडो जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के निर्देश दिए गए और कई स्थानों पर आपातकालीन निकासी अभियान चलाया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे और सड़क परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिसमें बुलेट ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और प्रमुख राजमार्गों पर आवागमन बंद कर दिया गया। कई तटीय क्षेत्रों में सुनामी की लहरें पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं, जिनकी ऊंचाई कुछ स्थानों पर लगभग 80 सेंटीमीटर तक पहुंची। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जापान सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने संभावित आफ्टरशॉक्स की चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है। क्षेत्र के परमाणु संयंत्रों की भी जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि अभी तक किसी प्रकार की असामान्यता की सूचना नहीं मिली है। लोगों को विशेष रूप से समुद्र तटीय और नदी क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि जापान भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो इसे विश्व के सबसे अधिक भूकंपीय गतिविधि वाले देशों में से एक बनाता है। यहां समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप और सुनामी का खतरा बना रहता है, जिससे यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति देश की संवेदनशीलता को उजागर करती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
