Toshimitsu Motegi India visit 2026 : वैश्विक कूटनीति के पटल पर इस समय भारत की राजधानी नई दिल्ली सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रही है, जहां इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के भविष्य और सुरक्षा समीकरणों को तय करने के लिए दुनिया की महाशक्तियां जुटने वाली हैं। इस सिलसिले में एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम के तहत जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सोमवार को भारत पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा न केवल भारत और जापान के बीच सदियों पुराने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देने वाला है, बल्कि बहुपक्षीय कूटनीतिक मंच 'क्वाड' (Quad) की बैठक के जरिए वैश्विक राजनीति को एक नया मोड़ भी देने वाला है। जापानी विदेश मंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह व्यक्त किया है, जिससे यह साफ हो जाता है कि टोक्यो इस समय नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक और बेहद व्यस्त प्रोटोकॉल कार्यक्रम के अनुसार, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी २५-२६ मई २०२६ को भारत में रहेंगे। वह सोमवार शाम करीब ४:३० बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-३ पर लैंड करेंगे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। हवाई अड्डे से सीधे उनका काफिला लुटियंस दिल्ली की ओर बढ़ेगा, जहां शाम ठीक ७ बजे देश के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस रणनीतिक महामंथन में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता से निपटने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा होने की पूरी संभावना है।

इस बेहद अहम कूटनीतिक दौरे का दूसरा दिन यानी २६ मई और भी अधिक व्यस्त और परिणामोन्मुखी होने वाला है। मंगलवार सुबह करीब ८:४५ बजे क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की एक औपचारिक 'फैमिली फोटो' खींची जाएगी, जो वैश्विक मंच पर इन चार महाशक्तियों की एकजुटता का एक बड़ा संदेश होगी। इसके तुरंत बाद सुबह ९ बजे से बहुप्रतीक्षित क्वाड विदेश मंत्रियों की मुख्य बैठक का आगाज हो जाएगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री एक साथ बैठकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, साइबर खतरों से निपटने, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर एक साझा रोडमैप तैयार करेंगे। इस सघन चर्चा के तुरंत बाद सुबह ९:५० बजे चारों देशों की ओर से एक संयुक्त प्रेस बयान जारी किया जाएगा, जिसमें इस बैठक के मुख्य निष्कर्षों और भविष्य की रणनीतियों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

इस कूटनीतिक यात्रा का सबसे खास और निर्णायक हिस्सा मंगलवार शाम को देखने को मिलेगा, जब जापानी विदेश मंत्री शाम करीब ४:१५ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक कार्यालय 'सेवा तीर्थ' पहुंचेंगे। पीएम मोदी के साथ होने वाली इस विशेष मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच रक्षा सौदों, भारत में जापानी निवेश को बढ़ाने और अत्याधुनिक तकनीकी सहयोग को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इस पूरी यात्रा का समापन शाम ६ बजे होगा, जब सभी आधिकारिक कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद जापानी विदेश मंत्री मोतेगी टोक्यो के लिए रवाना हो जाएंगे।

जापानी विदेश मंत्री ने इस यात्रा के कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी एक्स पोस्ट में साफ किया कि क्वाड एक ऐसा मंच है जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर 'मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक' (FOIP) को साकार करने के उद्देश्य से विभिन्न व्यावहारिक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाता है। उन्होंने साल २०१९ में आयोजित पहली क्वाड बैठक में अपनी भागीदारी को याद करते हुए उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में हो रहे बड़े संरचनात्मक बदलावों के बीच यह बैठक वैश्विक परिस्थितियों पर एक रणनीतिक सामंजस्य स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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