6-7 नवंबर को इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता अफगान तालिबान और पाकिस्तान के बीच फिर बेनतीजा रही। वार्ता का मुख्य उद्देश्य सीमा पार आतंकवाद और TTP आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर सहमति बनाना था, लेकिन दोनों पक्षों में असहमति के कारण बैठक सफल नहीं हो पाई।

अफगानिस्तान के जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अफगानों की धैर्य सीमा को न परखा जाए। नूरी ने कहा कि यदि युद्ध छिड़ा, तो अफगान बुजुर्ग और युवा दोनों लड़ाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को आगाह किया कि वे अपनी तकनीक पर ज्यादा भरोसा न करें और अफगानिस्तान के हालात को हल्के में न लें। नूरी ने चेताया कि यदि तनाव बढ़ा, तो पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांतों में भी हालात बिगड़ सकते हैं।

इसके पहले पाकिस्तान ने भी सीधे टकराव की धमकी दी थी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर इस्तांबुल वार्ता सफल नहीं हुई, तो उनका देश तालिबान सरकार से सीधे टकरा सकता है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान की सेना के कुछ समूह अफगानिस्तान में स्थिर और मजबूत सरकार से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने हमेशा अफगानिस्तान की अस्थिरता का फायदा उठाया है।

इससे पहले 11 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच सीमा पर हुई झड़प में कई लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान के मुताबिक इस झड़प में 206 अफगान तालिबान और 110 TTP सदस्य मारे गए, जबकि पाकिस्तान के 23 सैनिकों की भी मौत हुई। इसके बाद 15 अक्टूबर को संघर्षविराम पर सहमति बनी थी, जिसे 19 अक्टूबर दोहा और 25 अक्टूबर इस्तांबुल में हुई वार्ता के दौरान आगे बढ़ाया गया था। अब इस्तांबुल वार्ता की नाकामी के बाद दोनों पक्षों के बीच सीमा तनाव बढ़ने की आशंका है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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