पश्चिम एशिया में महायुद्ध की आहट ; इजरायली सेना हाई अलर्ट पर, ईरान ने भी भरी शौर्य की हुंकार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजरायली सेना प्रमुख ने लेबनान और ईरान के मोर्चे पर सैनिकों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। पढ़े रिपोर्ट

इजरायली स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते आईडीएफ चीफ इयाल जमीर
Israel Iran war high alert IDF Chief : पश्चिम एशिया के कुरुक्षेत्र में बारूद की गंध एक बार फिर गहरी होने लगी है, जहां शांति की कोशिशों और युद्ध की तैयारियों के बीच दुनिया की धड़कनें तेज हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही दो सप्ताह के अस्थायी संघर्ष विराम की अवधि को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत किसी भीषण टकराव की ओर इशारा कर रही है। ट्रंप ने इस सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मध्यस्थता को दिया है, मगर इजरायली और ईरानी सेना प्रमुखों के ताजा बयानों ने साफ कर दिया है कि उंगलियां अब भी ट्रिगर पर ही टिकी हैं।
इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आईडीएफ (IDF) चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने अपनी सेना को सर्वोच्च सतर्कता पर रहने का आदेश जारी किया है। सम्मानित सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल न केवल लेबनान में अपनी सुरक्षा दीवार मजबूत कर रहा है, बल्कि ईरान के साथ किसी भी सीधी जंग के लिए पूरी तरह तैयार है। जमीर ने हमास के खिलाफ मिली सैन्य बढ़त का जिक्र करते हुए हुंकार भरी कि इजरायल ने किसी को नहीं बख्शा है और भविष्य के हर मोर्चे पर तुरंत और पूरी ताकत से प्रहार करने के लिए तत्पर है। उनके शब्द यह संदेश देने के लिए काफी थे कि इजरायली डिफेंस फोर्स 'वेट एंड वॉच' की नीति के साथ-साथ 'अटैक' मोड में भी है।
IDF stafchef, luitenant-kolonel Eyal Zamir, bij een van de graven van omgekomen militairen pic.twitter.com/zk2vDZNuES
— Joop Soesan 🇮🇱🇳🇱 (@JoopSoesan) April 21, 2026
दूसरी ओर, ईरान की राजधानी तेहरान से भी युद्ध के नगाड़े सुनाई दे रहे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की वर्षगांठ पर ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातामी ने इजरायली-अमेरिकी शासन को ललकारा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की डिफेंस पावर ने दुनिया के सामने अपनी बुद्धिमत्ता और जिहादी भावना को सिद्ध कर दिया है। हातामी ने जोर देकर कहा कि अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की कमान में उनकी सेना क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने की गारंटी देती है। संघर्ष विराम की ढाल के पीछे छिपी यह सैन्य तनातनी बता रही है कि पश्चिम एशिया का भविष्य फिलहाल शांति की मेज पर नहीं, बल्कि बंदूकों की नाल पर टिका हुआ है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
