इज़राइल पीएम का चौंकाने वाला बयान, दोहा हमले की तुलना 9/11 से
नेतन्याहू ने दोहा स्ट्राइक को ठहराया जायज़ 9 11 हमले के बाद अमेरिका की कार्रवाई से की तुलना

इज़रायल और हमास के बीच जारी तनाव अब कतर तक पहुंच गया है। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में कतर की राजधानी दोहा में की गई मिलिट्री कार्रवाई को सही ठहराते हुए इसे ऐतिहासिक घटनाओं से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद ओसामा बिन लादेन और उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़ा कदम उठाया था, उसी तरह इज़रायल ने भी दोहा पर हमला किया है।
नेतन्याहू का बड़ा बयान :
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा – “जो 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों के बाद अमेरिका ने किया था, हमने भी वही किया है। हमने भी आतंकियों का खात्मा किया है।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इज़रायल आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके मुताबिक, दोहा स्ट्राइक उसी रणनीति का हिस्सा थी।
क्यों हुआ दोहा स्ट्राइक :
इज़रायल ने दावा किया कि दोहा में हमास नेताओं की एक बड़ी बैठक चल रही थी। इसी दौरान इज़रायल ने मंगलवार, 9 सितंबर को एयरस्ट्राइक की। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में अमेरिका द्वारा सुझाए गए युद्धविराम प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। इज़रायल का आरोप है कि कतर हमास नेताओं को न केवल शरण देता है, बल्कि उन्हें आर्थिक मदद भी पहुंचाता है। यही वजह है कि दोहा स्ट्राइक को आवश्यक कदम माना गया।
आलोचना और बचाव :
दोहा में इज़रायल की इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। कई देशों ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक करार दिया। लेकिन नेतन्याहू ने आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि इज़रायल अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकता। उन्होंने दोहराया कि जैसे अमेरिका ने 9/11 हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाया था, वैसे ही इज़रायल ने भी किया है।
कतर और हमास का रिश्ता :
कतर और हमास के रिश्ते लंबे समय से विवादों में रहे हैं। कई रिपोर्ट्स का दावा है कि हमास की कई गतिविधियां दोहा से ही संचालित होती हैं। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि अगर कतर हमास नेताओं को शरण देना जारी रखेगा तो इज़रायल उन्हें कहीं भी निशाना बनाएगा। उन्होंने साफ किया कि हमास का अंत करना ही इज़रायल का लक्ष्य है और इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े, वह तैयार हैं।
क्षेत्रीय राजनीति पर असर :
दोहा स्ट्राइक ने मध्य पूर्व की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहां अमेरिका ने युद्धविराम की अपील की थी, वहीं इज़रायल की यह कार्रवाई उस दिशा के बिल्कुल विपरीत मानी जा रही है। इससे कतर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। दोहा स्ट्राइक को लेकर नेतन्याहू का बयान इस पूरे विवाद को और भी बड़ा बना सकता है। उन्होंने इसे सीधे 9/11 हमलों के बाद की अमेरिकी कार्रवाई से जोड़कर अपनी रणनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जायज़ ठहराने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि कतर और अन्य अरब देश इस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इससे पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
