Ceasefire के बीच बमबारी ; जाने इजरायली हमले ने कैसे किया कासिम नईम के भतीजे को ढेर ?
इजरायल का दावा: बेरूत हमले में हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम का भतीजा अली यूसुफ हारशी ढेर। ईरान ने दी सीजफायर रद्द करने की चेतावनी। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
Israel Hezbollah Chief nephew killed claim : मध्य पूर्व की धरती एक बार फिर भीषण रक्तपात और कूटनीतिक अस्थिरता की गवाह बन रही है। एक ओर जहां अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के अस्थाई युद्धविराम पर सहमति बनने की खबरें वैश्विक राहत का संकेत दे रही थीं, वहीं इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में सर्जिकल स्ट्राइक कर पूरे समीकरण को हिला कर रख दिया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने गुरुवार को एक सनसनीखेज आधिकारिक घोषणा करते हुए दावा किया है कि उन्होंने बेरूत में रात भर चले एक विशेष सैन्य अभियान में हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के निजी सचिव और सगे भतीजे, अली यूसुफ हारशी को सफलतापूर्वक मार गिराया है। इजरायल का यह प्रहार न केवल हिजबुल्लाह के नेतृत्व ढांचे को चोट पहुंचाता है, बल्कि यह तेहरान के लिए भी एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
इजरायली सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, यह लक्षित हमला खुफिया सूचनाओं के आधार पर किया गया था, जिसमें हारशी के सटीक ठिकाने को निशाना बनाया गया। हालांकि, हिजबुल्लाह की ओर से अब तक अपने प्रमुख नेता के भतीजे की मौत पर कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आईडीएफ की इस घोषणा ने लेबनान से लेकर ईरान तक हड़कंप मचा दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट इस घटना की गंभीरता को रेखांकित करती है, जिसमें बताया गया है कि हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूह के लिए अपने संस्थापक सदस्यों के परिवार से किसी महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति को खोना उनके आंतरिक सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है। यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र में शांति की पतली डोर अमेरिका-ईरान समझौते के जरिए खींची जा रही थी।
युद्ध के मैदान की स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस रुख ने आग में घी डालने का काम किया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में लेबनान शामिल नहीं होगा। बुधवार से जारी इजरायली बमबारी ने लेबनान में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है, जिसमें अब तक 254 निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है और 1165 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में लेबनान के एक प्रमुख इमाम भी शामिल हैं, जिससे स्थानीय आबादी में भारी रोष व्याप्त है। इजरायल का तर्क है कि वह केवल हिजबुल्लाह के आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, लेकिन हताहतों की बढ़ती संख्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बनी हुई है।
इस सैन्य कार्रवाई पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीजफायर समझौते के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिका को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि वाशिंगटन को या तो पूर्ण युद्धविराम चुनना होगा या इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखना होगा। अराघची ने स्पष्ट किया कि यदि लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो ईरान इस 14 दिवसीय समझौते को तत्काल रद्द करने में संकोच नहीं करेगा। नईम कासिम, जो हिजबुल्लाह के प्रमुख रणनीतिकार और संस्थापक सदस्य हैं, उनके परिवार पर हुए इस हमले ने अब कूटनीति के रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं। भविष्य की यह अनिश्चितता न केवल लेबनान और इजरायल के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और शांति के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
