ISI की सेंध ढाका तक; यूनुस के जरिए रचा भारत विरोधी षड़यंत्र
बांग्लादेश और पाकिस्तान ने मिलकर भारत की पूर्वी सीमा और बंगाल की खाड़ी पर नजर रखने के लिए संयुक्त खुफिया तंत्र बनाने पर सहमति जताई है। इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं। अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस पर आरोप है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने दे रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने चुपचाप ढाका स्थित अपने उच्चायोग में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का एक विशेष सेल स्थापित कर लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच खुफिया सहयोग का एक नया अध्याय खुल गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कदम पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की हालिया बांग्लादेश यात्रा के तुरंत बाद उठाया गया। मिर्जा ने ढाका में बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों और यूनुस से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि इसी यात्रा के दौरान दोनों देशों ने बंगाल की खाड़ी और भारत की पूर्वी सीमा से सटे हवाई क्षेत्र पर नजर रखने के लिए एक संयुक्त निगरानी तंत्र बनाने पर सहमति जताई।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने ढाका स्थित अपने मिशन में कई आईएसआई अधिकारियों को तैनात किया है, जिन्हें बांग्लादेश सरकार से अप्रत्यक्ष सहयोग मिल रहा है। बदले में इस्लामाबाद ने बांग्लादेश को उन्नत सैन्य तकनीक, प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग की पेशकश की है। खबर यह भी है कि ढाका पाकिस्तान से JF-17 थंडर लड़ाकू विमान और फतेह-सीरीज रॉकेट सिस्टम खरीदने की तैयारी में है।
भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर चिंताजनक है क्योंकि यह गठजोड़ न केवल सीमावर्ती निगरानी के लिए बल्कि रणनीतिक तौर पर भी नई चुनौतियाँ पैदा कर सकता है। बंगाल की खाड़ी के रास्ते भारत के पूर्वी तटीय इलाकों की निगरानी की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच यह बढ़ता सैन्य तालमेल केवल एक “रणनीतिक साझेदारी” नहीं, बल्कि भारत के प्रभाव क्षेत्र को चुनौती देने की एक योजनाबद्ध कोशिश हो सकती है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली इस नई आंच पर कैसी कूटनीतिक प्रतिक्रिया देती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
