पिछवाई कला से सजी साड़ी, 1,800 कैरेट हीरे ; जानें कौन हैं गौरव गुप्ता जिनका डिज़ाइन बना ग्लोबल सेंसेशन
मेट गाला 2026 में ईशा अंबानी का स्वर्ण साड़ी लुक वैश्विक आकर्षण का केंद्र बना। गौरव गुप्ता द्वारा डिजाइन की गई इस साड़ी में 1,800 कैरेट आभूषण, पिछवाई कला और भारतीय शिल्प का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय विरासत को नई पहचान दी।

ईशा अंबानी (बाएं) और डिजाइनर गौरव गुप्ता (दाएं)
न्यूयॉर्क में आयोजित मेट गाला 2026 के भव्य रेड कार्पेट पर इस बार भारत की उपस्थिति को जिस शख्सियत ने सबसे अधिक परिभाषित किया, वह थीं ईशा अंबानी। उनका स्वर्ण साड़ी लुक केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि भारतीय कला, विरासत और आधुनिक कूट्योर का सशक्त संगम बनकर सामने आया, जिसने वैश्विक दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
इस विशेष अवसर के लिए ईशा अंबानी ने प्रसिद्ध भारतीय फैशन डिजाइनर गौरव गुप्ता द्वारा डिजाइन की गई कस्टम-निर्मित साड़ी पहनी थी। यह साड़ी शुद्ध सोने के धागों से बुनी गई थी और उस पर पिछवाई शैली की हाथ से बनाई गई कलाकृतियां उकेरी गई थीं। मेट गाला 2026 की थीम “फैशन इज आर्ट” के अनुरूप यह परिधान केवल पहनावा नहीं, बल्कि एक जीवंत कैनवास के रूप में प्रस्तुत हुआ, जिसने फैशन और कला की सीमाओं को धुंधला कर दिया।
गौरव गुप्ता, जो अपनी अवां-गार्द और मूर्तिकला-प्रेरित डिजाइनों के लिए जाने जाते हैं, ने इस साड़ी में अपने विशिष्ट ओरिगामी-शैली के पैटर्न और भारतीय कढ़ाई तकनीकों जैसे जरी, नक्शी और दबका का उत्कृष्ट समावेश किया। नई दिल्ली में पले-बढ़े गुप्ता ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और सेंट्रल सेंट मार्टिन्स से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने 2005 में अपना लेबल शुरू किया और 2006 में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया। उनका काम पेरिस हाउट कूट्योर वीक जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शित हो चुका है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में एक महत्वपूर्ण नाम बन चुके हैं।
ईशा अंबानी के इस लुक की भव्यता को और बढ़ाने में उनके आभूषणों की भी बड़ी भूमिका रही। उन्होंने 1,800 कैरेट से अधिक हीरे, पन्ना, पोल्की और कुंदन से सजे गहने पहने, जिनमें से कई उनकी मां नीता अम्बानी के निजी संग्रह से लिए गए थे। इसके अलावा, निजाम के ऐतिहासिक संग्रह से जुड़ा एक सरपेच भी उनके लुक का हिस्सा बना, जिसने इस परिधान में शाही विरासत का स्पर्श जोड़ दिया।
इस लुक में सांस्कृतिक तत्वों को भी विशेष महत्व दिया गया। ईशा अंबानी ने एक गजरा-प्रेरित हेयर स्कल्प्चर धारण किया, जिसे धातु और कागज से तैयार किया गया था। यह पारंपरिक भारतीय हेयर स्टाइल का एक आधुनिक और कलात्मक रूपांतरण था, जिसने उनके पूरे रूप को और भी विशिष्ट बना दिया। इस संपूर्ण परिधान को तैयार करने में 1,200 से अधिक घंटे और दर्जनों कारीगरों की मेहनत लगी, जो भारतीय हस्तकला की गहराई और उत्कृष्टता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है।
मेट गाला जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की प्रस्तुति न केवल भारतीय फैशन की वैश्विक पहचान को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पारंपरिक शिल्प और आधुनिक डिजाइन का संगम किस प्रकार विश्व फैशन उद्योग में नई दिशा तय कर सकता है। ईशा अंबानी का यह लुक एक सांस्कृतिक बयान बनकर उभरा, जिसने भारतीय कला और विरासत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
