Strait of Hormuz conflict 2026 : मिडिल ईस्ट के सुलगते युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने वैश्विक राजनीति और रणनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यह रास्ता हर हाल में खोला जाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान द्वारा इस जलमार्ग की नाकेबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है।

"चाहे ऐसे या वैसे... खुलेगा रास्ता": ट्रंप की खुली चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक चेतावनी भरा पोस्ट साझा करते हुए अपनी भावी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलेगा, "चाहे इसके लिए कोई भी रास्ता अपनाना पड़े।" ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस समुद्री तट पर लगातार और जोरदार बमबारी जारी रखेगा, जिससे ईरानी नौकाओं और जहाजों को जड़ से नष्ट कर दिया जाएगा। उनका लक्ष्य इस जलमार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित और स्वतंत्र बनाना है ताकि वैश्विक व्यापार फिर से पटरी पर लौट सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मिशन के लिए वैश्विक सहयोग की अपील करते हुए उम्मीद जताई है कि इस बनावटी रुकावट से प्रभावित होने वाले देश अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे। ट्रंप ने विशेष रूप से निम्नलिखित देशों से अपने जंगी जहाज भेजने का आह्वान किया है:

  • चीन और फ्रांस
  • जापान और दक्षिण कोरिया
  • यूनाइटेड किंगडम (UK) और अन्य प्रभावित राष्ट्र

ईरान की सैन्य क्षमता पर बड़ा दावा :

अपनी पोस्ट में ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान की सैन्य क्षमता को 100% तक खत्म कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भले ही ईरान बुरी तरह हार चुका हो, लेकिन उसके लिए छिटपुट हरकतें करना जैसे एक-दो ड्रोन भेजना, माइंस बिछाना या कम दूरी की मिसाइलें दागना आसान है। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि ऐसी किसी भी कोशिश का जवाब विध्वंसक सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा।

"पांच साल तक लड़ेंगे": ईरान का पलटवार


दूसरी तरफ, ईरान ने भी घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम ने समाचार एजेंसी ANI को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप के दावों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि इस युद्ध की कोई निश्चित समयसीमा तो तय नहीं है, लेकिन ईरान इस लड़ाई को इसके अंतिम अंजाम तक लड़ेगा। डॉ. हकीम ने दृढ़ता के साथ दावा किया कि ईरान अगले पांच वर्षों तक इस युद्ध में डटे रहने की क्षमता और संकल्प रखता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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