क्या ऑस्ट्रेलिया बन रहा है सिगरेट स्मगलिंग का नया अड्डा? जानें कैसे तंबाकू पर टैक्स बढ़ानाा सरकार को पड़ा भारी
ऑस्ट्रेलिया में तंबाकू पर बढ़े उत्पाद शुल्क के कारण सिगरेट की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे अवैध बाजार तेज़ी से फैल रहा है। सरकार कर नीति की समीक्षा कर रही है, जबकि राजस्व में गिरावट, संगठित अपराध और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर बहस तेज हो गई है।

ऑस्ट्रेलिया में सिगरेट का एक पैकेट अब सिर्फ एक उपभोक्ता वस्तु नहीं, बल्कि आर्थिक और नीतिगत बहस का केंद्र बन चुका है। देश की कठोर तंबाकू कर नीति, जिसका उद्देश्य धूम्रपान को हतोत्साहित करना था, अब उलटा असर दिखाती नजर आ रही है। कानूनी सिगरेट की कीमतें जहाँ 40 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक पहुंच चुकी हैं, वहीं अवैध बाजार में वही पैकेट 10 से 15 डॉलर में उपलब्ध है। इस भारी मूल्य अंतर ने काले बाज़ार को अभूतपूर्व बढ़ावा दिया है और सरकार को अपनी कर नीति की समीक्षा के लिए मजबूर कर दिया है।
कर वृद्धि और उसके परिणाम:
साल 2020 के बाद से तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में लगभग 60 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई। इसका सीधा उद्देश्य था—धूम्रपान दरों को कम करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना। प्रारंभिक वर्षों में यह रणनीति सफल भी दिखी, लेकिन हाल के आंकड़े संकेत देते हैं कि अत्यधिक कर दरों ने वैध बाजार को कमजोर कर दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई ट्रेज़री अब इस विवादित कर नीति की समीक्षा पर विचार कर रही है। सरकार के सामने यह चुनौती है कि वह धूम्रपान विरोधी लक्ष्यों को बनाए रखते हुए अवैध व्यापार पर लगाम कैसे लगाए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लगातार बढ़ती कीमतों ने कानूनी सिगरेट को आम उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर कर दिया है, जिससे वे सस्ते और अवैध विकल्पों की ओर मुड़ रहे हैं।
खुदरा विक्रेताओं की मांग:
प्रमुख रिटेल चेन रिचीज़ आईजीए (Ritchies IGA) ने केंद्र सरकार से 2019 के स्तर तक उत्पाद शुल्क घटाने की अपील की है। उनका तर्क है कि अत्यधिक करों के कारण वैध सिगरेट बिक्री में भारी गिरावट आई है, जबकि अवैध बाजार का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। कुछ अनुमानों के अनुसार, यदि यही रुझान जारी रहा तो 2028–29 तक अवैध सिगरेट बाजार 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। रिटेलर्स का कहना है कि करों में आंशिक कमी और सख्त प्रवर्तन दोनों उपाय साथ-साथ अपनाने से अवैध व्यापार को कम किया जा सकता है और सरकार को खोया हुआ राजस्व भी वापस मिल सकता है।
अवैध व्यापार का विस्फोट:
वर्तमान परिदृश्य में अवैध तंबाकू बाजार देश की बड़ी आर्थिक और सुरक्षा चुनौती बन गया है। अनुमान बताते हैं कि 2024–25 में बिकने वाली कुल सिगरेटों में से लगभग 50–60 प्रतिशत अवैध स्रोतों से आ सकती हैं। सस्ते दामों ने उपभोक्ताओं को आकर्षित किया है, जिससे संगठित अपराध गिरोहों को लाभ हुआ है।
इस अवैध गतिविधि के खिलाफ सीमा शुल्क और प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की है। हाल के महीनों में अरबों डॉलर मूल्य के अवैध तंबाकू और वेपिंग उत्पाद जब्त किए गए, जिन पर लगभग एक अरब डॉलर का संभावित कर चोरी रोकी गई। हालांकि, राज्य स्तर पर की गई कार्रवाई जैसे कि क्वींसलैंड में अवैध दुकानों को बंद करने की भी मांग को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पाई है। कई विक्रेता अब ऑनलाइन या गुप्त माध्यमों से बिक्री कर रहे हैं।
अवैध व्यापार का विस्फोट (ऑस्ट्रेलिया)
तंबाकू नियंत्रण नीति का मूल उद्देश्य धूम्रपान दरों को कम करना था। शुरुआती वर्षों में इसमें सफलता मिली, लेकिन अब सस्ते अवैध उत्पादों और युवाओं में बढ़ती वेपिंग प्रवृत्ति ने प्रगति की रफ्तार धीमी कर दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आशंका है कि अनियंत्रित और असुरक्षित उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने नीति निर्माताओं के सामने जटिल प्रश्न खड़े कर दिए हैं। एक पक्ष का मानना है कि अत्यधिक कर दरें अनजाने में अपराध नेटवर्क को प्रोत्साहित कर रही हैं। वहीं, कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तर्क है कि करों में कटौती से समग्र निकोटिन उपभोग बढ़ सकता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है जहाँ उसे संतुलन साधना है:
- क्या कर दरों में नरमी लाई जाए?
- क्या प्रवर्तन और निगरानी को और कठोर किया जाए?
- या दोनों उपायों का संयोजन अपनाया जाए?
आक्रामक तंबाकू कर नीति, जिसे कभी सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना गया था, अब आर्थिक और कानूनी जटिलताओं का कारण बनती दिख रही है। बढ़ती कीमतों ने अवैध बाजार को पनपने का अवसर दिया है, जिससे सरकारी राजस्व और कानून व्यवस्था दोनों प्रभावित हुए हैं। आने वाले महीनों में सरकार द्वारा लिया गया निर्णय न केवल तंबाकू उद्योग, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
