US Army Hybrid Breeding Program : अंतरिक्ष की गहराइयों में छिपे रहस्यों और दूसरे ग्रहों के प्राणियों (Aliens) को लेकर दुनिया भर में हमेशा से जिज्ञासा रही है, लेकिन हाल ही में अमेरिका से आए एक खुलासे ने इस कौतूहल को डर और सनसनी में बदल दिया है। पूर्व अमेरिकी सांसद मैट गेट्ज ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है, जिसने पेंटागन से लेकर व्हाइट हाउस तक खलबली मचा दी है। गेट्ज के अनुसार, अमेरिकी सेना एक अत्यंत गुप्त 'हाइब्रिड ब्रीडिंग प्रोग्राम' पर काम कर रही है, जिसके तहत इंसानों और एलियंस के मेल से एक नई नस्ल तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

गुप्त ब्रीडिंग प्रोग्राम और 12 ठिकाने :

मैट गेट्ज ने 'द बेनी शो' में एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि जब वे पद पर थे, तब फ्लोरिडा स्थित उनके कार्यालय में अमेरिकी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे मुलाकात की थी। उस अधिकारी ने गेट्ज को सेना के उन गुप्त ठिकानों की जानकारी दी, जहाँ कथित तौर पर एलियंस और इंसानों के बीच 'क्रॉस-ब्रीडिंग' कराई जा रही है। गेट्ज के मुताबिक, उन्हें ऐसी 6 से 12 फैसिलिटीज (ठिकानों) के बारे में बताया गया है जहाँ यह प्रयोग चल रहे हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी 'हाइब्रिड रेस' तैयार करना है, जो भविष्य में दूसरे ग्रहों के जीवों के साथ संवाद करने में सक्षम हो सके।

लापता लोगों और प्रवासियों का इस्तेमाल ?

इस खुलासे का सबसे भयावह पहलू वह है, जहाँ इन प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंसानों के स्रोत का जिक्र किया गया है। गेट्ज के दावों के अनुसार, ब्रीडिंग प्रोग्राम के लिए उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं होता। इसमें मुख्य रूप से युद्ध क्षेत्रों से गायब हुए लोग और प्रवासियों के काफिलों से उठाए गए व्यक्ति शामिल हैं। ऐसे लोग जिनके लापता होने पर कोई कानूनी सवाल नहीं उठता, उन्हें इन गुप्त प्रयोगशालाओं में ले जाया जाता है। सैन्य अधिकारी ने गेट्ज से आग्रह किया था कि संसद के सदस्य उन ठिकानों का औचक निरीक्षण करें, ताकि सबूतों को नष्ट होने से पहले पकड़ा जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप का 'पारदर्शिता' मिशन :

यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलियंस और यूएफओ (UFO) से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की दिशा में कदम उठाए हैं। ट्रंप प्रशासन ने 'Aliens.gov' नाम से एक आधिकारिक डोमेन भी पंजीकृत किया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इन दावों की सच्चाई नहीं जानते, लेकिन वे अमेरिकी जनता के सामने पारदर्शिता लाना चाहते हैं। हालाँकि, इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने भी स्वीकार किया था कि आसमान में कुछ ऐसी वस्तुएं देखी गई हैं जिन्हें विज्ञान अब तक नहीं समझ पाया है, लेकिन उन्होंने किसी भी 'अंडरग्राउंड एलियन फैसिलिटी' की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।

विवादों के घेरे में मैट गेट्ज :

मैट गेट्ज का यह बयान जितना सनसनीखेज है, उतना ही विवादास्पद भी। गेट्ज को राष्ट्रपति ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल के पद के लिए चुना था, लेकिन विभिन्न आरोपों के कारण उन्हें अपना नाम वापस लेना पड़ा। आलोचकों का मानना है कि एलियंस पर दिया गया यह बयान जनता का ध्यान उनके निजी विवादों और ईरान नीति पर उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियों से हटाने की एक कोशिश हो सकता है। फिलहाल, पेंटागन और रक्षा विभाग ने इन दावों पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन इस खुलासे ने ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्य पर बहस को दोबारा जिंदा कर दिया है।

Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story