ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बीच IRGC की धमकी; अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी
ट्रंप के युद्धविराम विस्तार के बीच IRGC ने जवाबी हमले की सीधी धमकी दी है। ईरान ने वार्ता से इनकार करते हुए अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को तबाह करने का ऐलान किया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी
US Iran War threat : पश्चिम एशिया के धधकते रेगिस्तान से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आ रही है जिसने पूरी दुनिया की सांसें थाम दी हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता और अनुरोध के बाद ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का दांव चला है, तो दूसरी तरफ ईरान के सरकारी टेलीविजन पर आए एक बयान ने शांति की इन कोशिशों पर बारूद छिड़क दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के केंद्रीय मुख्यालय 'खातम अल-अनबिया' के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने बेहद सख्त लहजे में सीधी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर ईरान की संप्रभुता के खिलाफ रत्ती भर भी आक्रामकता दिखाई गई, तो इस्लामी गणराज्य की सशस्त्र सेनाएं अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्यों पर बिजली की गति और पूरी संप्रभु शक्ति के साथ प्रहार करेंगी।
यह घटनाक्रम तब और अधिक गंभीर हो गया जब ईरानी टीवी एंकर ने जोल्फागरी का लिखित बयान पढ़ते हुए उनके पुराने फाइल फुटेज और ऑडियो को प्रसारित किया। इस संदेश में न केवल अमेरिका को चेतावनी दी गई, बल्कि इजरायल को 'बच्चों की हत्या करने वाला शासन' करार देते हुए उसे पहले से कहीं अधिक कड़ा सबक सिखाने की बात कही गई है। ईरान की संयुक्त कमान का यह आक्रामक रुख डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के ठीक बाद आया है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के हस्तक्षेप के बाद युद्धविराम की अवधि को बढ़ा दिया था। ट्रंप का कहना था कि वे तेहरान की ओर से एक एकीकृत प्रस्ताव की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन ईरानी सैन्य नेतृत्व के तेवर बताते हैं कि वे समझौते की मेज के बजाय मोर्चे पर अधिक मुस्तैद हैं।
कूटनीतिक गलियारों में इस समय सन्नाटा पसरा है क्योंकि तेहरान ने फिलहाल आगे की किसी भी वार्ता से स्पष्ट इनकार कर दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि व्हाइट हाउस ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा को स्थगित कर दिया है, जो वार्ता के दूसरे दौर के लिए वहां जाने वाले थे। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने भी पुष्टि की है कि ईरान ने अभी तक औपचारिक रूप से बातचीत में शामिल होने का कोई संकेत नहीं दिया है। दो सप्ताह का प्रारंभिक युद्धविराम समाप्त होने की कगार पर है और ईरान की इस 'सीधी धमकी' ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता में डाल दिया है कि क्या यह अनिश्चितकालीन युद्धविराम वास्तव में शांति लाएगा या फिर यह किसी बड़े और विनाशकारी सैन्य टकराव से पहले का सन्नाटा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
