मलबे में तब्दील होते बचपन के बावजूद भी बातचीत की मेज से हटा ईरान; क्या यह परमाणु युद्ध की आहट है ?
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच महाजंग जारी। तेहरान के तेल डिपो पर भीषण हमला, लेबनान में 83 बच्चों की मौत और वैश्विक तेल बाजार में भारी हलचल। जाने विस्तृत रिपोर्ट

Israel Iran Conflict
Middle East War 2026 : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) इस वक्त बारूद के ऐसे ढेर पर बैठा है, जिसकी तपिश पूरी दुनिया महसूस कर रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अपने 11वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन शांति की कोई किरण नजर नहीं आ रही है। शनिवार की रात इजरायल और अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की 'लाइफलाइन' कहे जाने वाले तेल डिपो और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अब तक का सबसे भीषण हमला बोला। दक्षिण तेहरान स्थित 'शहरान तेल डिपो' को निशाना बनाए जाने के बाद आसमान में आग के गोलो और धुएं का ऐसा गुबार उठा, जिसने पूरी ईरानी राजधानी को खौफ से भर दिया। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि बमबारी के बाद तेल नालियों में बहने लगा, जिससे सड़कों पर 'आग की नदियां' बहती दिखाई दीं।
लेबनान में मासूमों का कत्लेआम और मानवीय त्रासदी :
इस युद्ध की सबसे दर्दनाक तस्वीर लेबनान से सामने आ रही है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ (UNICEF) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान में जारी इजरायली हमलों में अब तक कम से कम 83 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि 254 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि सैन्य संघर्ष का सबसे भयावह असर बच्चों की सुरक्षा और उनकी बुनियादी जरूरतों पर पड़ रहा है। उधर, हिज्बुल्लाह ने भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। सीरियाई सेना के अनुसार, हिज्बुल्लाह लड़ाकों ने दमिश्क के पश्चिम में स्थित सरघाया शहर में सैन्य चौकियों पर तोप के गोले दागे हैं, जिससे संघर्ष का दायरा पड़ोसी देशों तक फैल गया है।
ईरान का पलटवार और पड़ोसी देशों में दहशत :
इजरायली हमलों के जवाब में ईरान और हिज्बुल्लाह ने भी जवाबी मिसाइलें दागीं। आधी रात के वक्त उत्तरी इजरायल पर लगभग 30 मिसाइलें गिरीं, जिसमें दो लोगों की मौत की खबर है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हालांकि यह आश्वासन दिया है कि वे किसी पड़ोसी देश पर तब तक हमला नहीं करेंगे जब तक कि उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिख रही है। रविवार को बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और UAE पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए गए। बहरीन की राजधानी मनामा में एक आवासीय इमारत पर हुए हमले में एक महिला की मौत हो गई।
वैश्विक प्रभाव : उड़ानों पर ब्रेक और तेल बाजार में हलचल
इस युद्ध ने न केवल इंसानी जानों को जोखिम में डाला है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
- उड़ानों का संकट : खलीज टाइम्स के अनुसार, पिछले 10 दिनों में मिडिल ईस्ट से आने-जाने वाली 40,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
- तेल की कीमतें : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद, जिसमें उन्होंने कहा कि यह 'ऑपरेशन' बहुत जल्द खत्म हो सकता है, तेल बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 8.5% गिरकर 92.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।
- सुरक्षा गठबंधन : बढ़ते खतरों को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने UAE को एडवांस्ड एयर-टू-एयर मिसाइलें देने का फैसला किया है। वहीं, ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स (RAF) ने जॉर्डन और बहरीन की ओर बढ़ रहे ड्रोन्स को मार गिराकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
MO:A 29-year-old Bahraini woman died and eight people were injured as a result of the blatant Iranian aggression against a residential building in Manama.
— Ministry of Interior (@moi_bahrain) March 9, 2026
राजनयिक तल्खी और भविष्य की अनिश्चितता :
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे 'कड़वा अनुभव' करार देते हुए कहा कि बातचीत के दौर के बीच ही अमेरिका ने हमले तेज किए, इसलिए अब नेगोशिएशन उनकी प्राथमिकता नहीं है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन नेताओं की बैठक में हुंकार भरते हुए कहा कि अमेरिका पहले से ज्यादा मजबूती के साथ इस खतरे को खत्म करेगा और दुनिया जल्द ही सुरक्षित होगी।
जैसे-जैसे यह युद्ध आगे बढ़ रहा है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं गहरी होती जा रही हैं। सियोल से लेकर दुनिया के कई कोनों में युद्ध विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। इराक जैसे देश अपने यहां विदेशी दूतावासों की सुरक्षा को लेकर चौकन्ने हैं, लेकिन दागी जा रही मिसाइलें और गिरती लाशें यह बताने के लिए काफी हैं कि शांति की राह फिलहाल बहुत कठिन है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
