ईरान vs इजरायल: तेहरान की आखिरी चेतावनी; क्या शुरू होने वाला है युद्ध?
ईरान में 14 दिनों से जारी भीषण प्रदर्शनों के बीच सरकार ने 60 घंटे से इंटरनेट बंद कर रखा है। संसद अध्यक्ष कालीबाफ ने अमेरिका और इजरायल को सीधे हमले की धमकी दी है, जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ गया है। जानें प्रदर्शनकारियों द्वारा कोर्टहाउस में आगजनी और इजरायल के हाई अलर्ट पर रहने की पूरी रिपोर्ट।

iran me 14 dino se sarkar virodhi pradarshan : ईरान की धरती इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठी है, जहां बीते चौदह दिनों से जारी जन-आक्रोश ने अब एक भीषण विद्रोह का रूप अख्तियार कर लिया है। देश के कोने-कोने से उठती सरकार विरोधी गूंज और सड़कों पर उतरते प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की सत्ता को हिला कर रख दिया है। शासन ने इस विद्रोह को कुचलने के लिए न केवल बल का प्रयोग किया है, बल्कि पिछले 60 घंटों से पूरे देश को 'डिजिटल अंधेरे' में धकेलते हुए इंटरनेट पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। इस आंतरिक कलह के बीच, अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका द्वारा ईरान को दी गई चेतावनी ने तेहरान के सियासी गलियारों में वह आग भड़काई है, जिसकी तपिश अब सीधे इजरायल की सीमाओं तक महसूस की जा रही है।
ईरानी संसद के भीतर आज जो दृश्य दिखाई दिए, वे आने वाले किसी बड़े संकट का पूर्वाभास कराते हैं। संसद अध्यक्ष और कट्टरपंथी नेता मोहम्मद बागेर कालीबाफ ने सीधे तौर पर वाशिंगटन और यरूशलेम को निशाने पर लेते हुए महायुद्ध का बिगुल फूंक दिया है। जब ईरानी संसद में सांसद मंच की ओर दौड़ते हुए 'अमेरिका विरोधी' नारों से सदन को गुंजा रहे थे, तब कालीबाफ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि अमेरिका ने इस्लामी गणराज्य पर हमला करने की जुर्रत की, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने, युद्धपोत और इजरायल उनके वैध निशाने होंगे। कालीबाफ ने इजरायल को 'कब्जे वाला क्षेत्र' करार देते हुए आगाह किया कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अत्यंत कठोर और विनाशकारी होगी।
आंतरिक स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और पुलिस को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'दृढ़ता' से निपटने के खुले आदेश दे दिए गए हैं। कालीबाफ ने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए विद्रोहियों को कड़े दंड का सामना करना होगा। वहीं, ज़मीनी स्तर पर हिंसा का तांडव अपने चरम पर है। फार्स प्रांत के ममासानी काउंटी से आई खबरें विचलित करने वाली हैं, जहां प्रदर्शनकारियों की अनियंत्रित भीड़ न्यायपालिका परिसर के भीतर घुस गई। सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रदर्शनकारियों ने गार्ड पोस्ट और कोर्टहाउस के कई कमरों को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरी इमारत की पहली मंजिल तक लपटें फैल गईं।
इंटरनेट मॉनिटर 'नेटब्लॉक्स' के अनुसार, ईरान में डिजिटल ब्लैकआउट का समय बढ़ता जा रहा है, जिससे दुनिया का संपर्क इस अशांत क्षेत्र से लगभग टूट चुका है। अमेरिका के संभावित हस्तक्षेप और तेहरान की भड़काऊ धमकियों के बीच इजरायली रक्षा बल (IDF) को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट बताती है कि इजरायल इस समय किसी भी अप्रत्याशित मिसाइल हमले या सीमा पार तनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है। ईरान का यह घटनाक्रम केवल एक आंतरिक विद्रोह नहीं रह गया है, बल्कि इसने एक ऐसे क्षेत्रीय संघर्ष की नींव रख दी है, जिसकी परिणति पूरे मिडिल ईस्ट के भूगोल को बदलने की क्षमता रखती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
