ईरान-अमेरिका तनाव: रडार ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का कुवैत-बहरीन पर पलटवार
अमेरिकी सेना द्वारा हॉर्मुज के पास ईरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाने के बाद आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के दौरान आसमान में उड़ते विमान में लगी आग और ज़मीन पर धमाके के बाद उठता धुआं।
Iran US conflict 2026 : मिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है, जहाँ ईरान और अमेरिका के बीच भड़की चिंगारी अब महायुद्ध की शक्ल अख्तियार करती नजर आ रही है। शनिवार को अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण तटीय इलाकों और रडार ठिकानों पर की गई भीषण बमबारी ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद भड़के तेहरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसने पूरे क्षेत्र को एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। दोनों महाशक्तियों के बीच सीधी भिड़ंत के चलते खाड़ी देशों में सायरन गूंज रहे हैं और युद्ध की विभीषिका साफ महसूस की जा रही है।
इस पूरे फसाद की जड़ शनिवार तड़के उस वक्त शुरू हुई, जब अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान की तरफ से हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे संदिग्ध ड्रोन्स को उन्होंने मार गिराया है। रॉयटर्स को दी गई आधिकारिक जानकारी में अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि उनके खुफिया इनपुट्स के अनुसार ईरान के चार खतरनाक ड्रोन इस इलाके से गुजर रहे समुद्री जहाजों को निशाना बनाने की फिराक में थे। संभावित खतरे को भांपते हुए अमेरिकी सेना ने न सिर्फ ड्रोन्स को नष्ट किया, बल्कि जवाबी कार्रवाई करते हुए हॉर्मुज के बेहद नजदीक स्थित ईरान के प्रमुख निगरानी ठिकानों, गोरुक और केशम द्वीप पर जोरदार हमले किए। इन हमलों में ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचने की खबर है, जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है।
अमेरिका की इस आक्रामक कार्रवाई ने तेहरान के सत्ता गलियारों में आग लगा दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे इसी वर्ष आठ अप्रैल को हुए सीजफायर समझौते का सरेआम उल्लंघन करार दिया है। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर चेतावनी दी है कि अमेरिका की यह बार-बार की जा रही उकसावे वाली कार्रवाई यह साबित करती है कि वह इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने या तनाव कम करने के मूड में बिल्कुल नहीं है। ईरान ने साफ लहजे में कहा है कि इस गैर-कानूनी मिलिट्री एक्शन और इसके बाद पैदा होने वाले किसी भी विनाशकारी हालात की पूरी जिम्मेदारी अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका की होगी।
ईरान ने इस हमले को महज एक चेतावनी के रूप में नहीं लिया, बल्कि उसके शक्तिशाली संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तुरंत जवाबी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया। IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं। इसके साथ ही, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बिना इजाजत गुजरने की कोशिश कर रहे चार कमर्शियल टैंकरों पर भी ईरानी सेना द्वारा ताबड़तोड़ गोलीबारी की गई। इस जवाबी हमले से कुवैत और बहरीन जैसे शांत खाड़ी देशों में दहशत फैल गई। कुवैत की सेना ने आनन-फानन में बयान जारी कर बताया कि उन्होंने देश की हवाई सीमा में घुसीं सात ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइलों का मलबा कई रिहायशी इलाकों पर गिरने से संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, लेकिन गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। उधर बहरीन में भी संभावित हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए युद्धकालीन सायरन गूंज उठे और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित बंकरों और ठिकानों में जाने की हिदायत दी गई।
इस अप्रत्याशित सैन्य टकराव के बाद कुवैत और बहरीन ने ईरान के इन हमलों की कड़े शब्दों में मजम्मत की है और इसे अपने नागरिकों की सुरक्षा पर एक सीधा और खुला हमला बताया है। इस बीच, कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और खबर आ रही है कि पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री भी आपातकालीन स्थिति को देखते हुए ईरान के दौरे पर जा रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय का दावा है कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को उनके लक्ष्यों तक पहुँचने से पहले ही पूरी तरह नाकाम कर दिया गया था। बहरहाल, इस ताजा सैन्य टकराव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माने जाने वाले हॉर्मुज क्षेत्र को एक ऐसे मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ से वैश्विक कूटनीति की हर कोशिश नाकाम होती दिख रही है और आने वाले दिन पूरे विश्व के लिए बेहद चिंताजनक हो सकते हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
