क्या कोमा में हैं ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई? जाने पूरी कहानी विस्तार से
पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की हेल्थ से जुड़ी एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. जिसमें उनके बेहोश होने का दावा किया गया है.

ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य और ठिकाने पर वैश्विक स्तर पर अटकलें जारी हैं।
Mojtaba Khamenei health status : पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और गूंजते धमाकों के बीच ईरान के राजनीतिक गलियारों से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आ रही है, जिसने वैश्विक कूटनीति और युद्ध के समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। ब्रिटिश समाचार पत्र के एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नव-नियुक्त सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई इस समय बेहोश हैं और कोम शहर के एक अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 56 वर्षीय मुज्तबा की स्थिति इतनी गंभीर है कि वे वर्तमान में 'देश चलाने की स्थिति में नहीं हैं', जिससे युद्धग्रस्त ईरान में सत्ता के शून्य होने का खतरा मंडराने लगा है।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी है। युद्ध के पहले ही दिन एक भीषण हमले में तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनके पुत्र मुज्तबा खामेनेई ने आनन-फानन में सत्ता की बागडोर संभाली थी। हालांकि, विडंबना यह है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठने के बाद से ही मुज्तबा को आज तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। 'द टाइम्स' ने राजनयिक मेमो और अमेरिका-इजरायल के खुफिया इनपुट के हवाले से पुष्टि की है कि सत्ता संभालने के समय ही मुज्तबा हवाई हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और तब से उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
मुज्तबा खामेनेई की रहस्यमयी अनुपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों के बाजार को गर्म कर रखा है। इससे पूर्व उनके रूस की राजधानी मॉस्को में इलाज कराने की खबरें आई थीं, जिनका बाद में रूसी राजदूत ने खंडन करते हुए उनके ईरान में ही होने की पुष्टि की थी। हालांकि ईरानी सरकारी मीडिया अब तक यही दावा करता रहा है कि सर्वोच्च नेता केवल युद्ध की चोटों से उबर रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा जारी किए गए कुछ गिने-चुने लिखित बयानों के अलावा कोई भी दृश्य प्रमाण सामने न आना इस आधिकारिक दावे पर सवालिया निशान खड़े करता है। हाल ही में 20 मार्च को नवरोज और ईद-उल-फितर के अवसर पर उनके नाम से जारी संदेश में भी केवल शब्दों का सहारा लिया गया था, जिसने उनके स्वास्थ्य को लेकर संदेह और गहरा कर दिया है।
प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से यह खबर ईरान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। एक तरफ जहां देश भीषण सैन्य संघर्ष झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर सर्वोच्च नेतृत्व का इस तरह 'अदृश्य' और 'अक्षम' होना सेना और आम जनता के मनोबल को प्रभावित कर सकता है। खुफिया रिपोर्टों की मानें तो कोम शहर के जिस अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है, वहां सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। यदि यह रिपोर्ट पूरी तरह सत्य साबित होती है, तो यह न केवल ईरान के भीतर आंतरिक सत्ता संघर्ष को जन्म दे सकता है, बल्कि मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध की दिशा को भी स्थायी रूप से बदल सकता है। आने वाले दिन तेहरान की सत्ता और मध्य-पूर्व की शांति के लिए अत्यंत निर्णायक होने वाले हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
