Iran Israel War : इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक मानवता के लिए भीषण रक्तपात और अनिश्चितता का गवाह बन रहा है। इस वक्त दुनिया के अलग-अलग कोनों से आ रही युद्ध की खबरें किसी बड़े वैश्विक संकट की ओर इशारा कर रही हैं। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत हो, या दक्षिण एशिया में पाकिस्तान-अफगानिस्तान का सीमा विवाद, हर तरफ बारूद की गंध और मिसाइलों का शोर है।

मिडिल ईस्ट: अयातुल्ला की मौत और तेल संकट का गहराता साया

मिडिल ईस्ट में तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब बीते महीने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सीधा सैन्य हमला बोल दिया। इस हमले ने न केवल ईरान की सैन्य शक्ति को चुनौती दी, बल्कि वहां के राजनीतिक ढांचे को भी हिला कर रख दिया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी ताबड़तोड़ हमले किए, लेकिन इस संघर्ष के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के कई अन्य शीर्ष नेताओं के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है।

वर्तमान में स्थिति यह है कि ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद कर दिया है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल आयात होता है। इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर काले बादल मंडरा रहे हैं और दुनिया भर में एक गंभीर तेल संकट पैदा हो गया है।

भारत के पड़ोस में तबाही: पाक-अफगान जंग

पश्चिम एशिया के साथ-साथ दक्षिण एशिया में भी हालात बदतर हो चुके हैं। भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ काबुल और कंधार जैसे प्रमुख शहरों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के उन ठिकानों पर थे, जो अफगान सीमा के भीतर छिपे हैं।

हालांकि, इन हमलों में आम नागरिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। संयुक्त राष्ट्र (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 फरवरी से 5 मार्च 2026 के बीच पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाइयों में 56 अफगान नागरिकों की जान गई है, जिनमें 24 मासूम बच्चे शामिल हैं। इसके जवाब में अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के कोहाट, कराची और इस्लामाबाद जैसे शहरों पर ड्रोन हमले किए और कई सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया। तालिबान का दावा है कि इस संघर्ष में अब तक 150 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं।

रूस-यूक्रेन: 'ओरेश्निक' मिसाइल का खौफ

फरवरी 2022 से शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध चार साल बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध अब और भी घातक चरण में पहुंच गया है। रूस ने हाल ही में 'ओरेश्निक' (Oreshnik) नामक अपनी अत्याधुनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल यूक्रेन के ल्वीव और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर किया है। रूस के इन हमलों ने यूक्रेन के पावर ग्रिड्स को तहस-नहस कर दिया है। पलटवार करते हुए यूक्रेन भी पश्चिमी देशों से मिली मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए रूस के तेल रिग और सैन्य विनिर्माण संयंत्रों को निशाना बना रहा है।

पूर्वी एशिया: किम जोंग की मिसाइल और जापान में खौफ

वहीं, पूर्वी एशिया में उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की हरकतों ने जापान की नींद उड़ा दी है। शनिवार, 13 मार्च 2026 को उत्तर कोरिया ने एक और संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जिसकी जानकारी जापान सरकार ने आधिकारिक तौर पर साझा की है। उत्तर कोरिया के ये लगातार मिसाइल परीक्षण न केवल जापान, बल्कि पूरे प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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