बीच समंदर भारतीय जहाज को रोका; ईरान का ऑडियो मैसेज वायरल!
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी सेना ने भारतीय जहाज 'भाग्य लक्ष्मी' को रोका; वायरल ऑडियो में वापस जाने की चेतावनी। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब कर जताई कड़ी आपत्ति।

शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी सेना द्वारा भारतीय व्यापारिक जहाज को रोके जाने के बाद क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को दर्शाता मानचित्र।
Iran IRGC stops Indian ship : पश्चिम एशिया में युद्ध की ज्वाला अब समुद्री व्यापारिक मार्गों तक पहुंच गई है। शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) में एक ऐसी घटना घटी जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और समुद्री सुरक्षा के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। ईरान की ताकतवर 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) ने शनिवार, 18 अप्रैल को भारत के एक व्यापारिक जहाज को रोककर उसे बीच रास्ते से वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। इस पूरी घटना का एक सनसनीखेज ऑडियो भी सामने आया है, जो वर्तमान स्थिति की गंभीरता को बयां कर रहा है।
'गो बैक इमीडीएटली': समंदर में तनातनी का वह मंजर
यह घटना उस वक्त शुरू हुई जब भारतीय जहाज 'भाग्य लक्ष्मी' अपने तय मार्ग से गुजर रहा था। तभी ईरानी नेवी (IRGC) के कैप्टन ने रेडियो संदेश के जरिए भारतीय जहाज से संपर्क साधा। वायरल हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग में ईरानी अधिकारी की आवाज साफ सुनी जा सकती है, जो बेहद सख्त लहजे में निर्देश दे रहा है। ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पर वर्तमान में पूर्ण प्रतिबंध है।
ईरानी नेवी ने आदेश दिया— "गो टू बैक इमीडीएटली" (तुरंत वापस जाओ)। इसके जवाब में भारतीय जहाज के कैप्टन ने संयम बरतते हुए ईरानी अधिकारी की बात को दोहराया और पुष्टि की कि वह रास्ता बदल रहे हैं। जहाज के क्रू द्वारा साझा किए गए इस संवाद ने यह साफ कर दिया है कि खाड़ी देशों में स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।
फायरिंग और गनबोट्स का हमला :
मामला केवल रास्ते से लौटाने तक ही सीमित नहीं रहा। जानकारी के अनुसार, इस ऑडियो संवाद से पहले ईरानी गनबोट्स ने भारतीय झंडे लगे दो अन्य जहाजों पर गोलीबारी भी की। ये जहाज इराकी तेल लेकर जा रहे थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन भारतीय जहाजों को निशाना बनाया जाना नई दिल्ली के लिए खतरे की घंटी है।
भारत सरकार का कड़ा रुख: ईरानी राजदूत तलब
भारतीय जहाजों पर हुई इस कार्रवाई को लेकर भारत सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरानी राजदूत को तलब किया और उनसे इस घटना पर जवाब मांगा। विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत के साथ हुई बैठक में दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय जहाजों पर फायरिंग एक 'बेहद गंभीर मामला' है। भारत ने ईरान को वह समय भी याद दिलाया जब तेहरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी, और वर्तमान में भी उसी सहयोग की अपेक्षा जताई।
क्यों बंद हुआ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले संकेत दिए थे कि लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम के बाद यह मार्ग खोल दिया गया है। लेकिन ईरान की सेना (IRGC) का रुख सरकार से अलग नजर आ रहा है। IRGC ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई आर्थिक नाकाबंदी के विरोध में उन्होंने इस सामरिक जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया है। अब किसी भी जहाज को वहां से गुजरने के लिए सीधे IRGC के साथ तालमेल बिठाना होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
