मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर ईरान का बड़ा बयान; अंग किअटने के दावों को नकारा
तेहरान में प्रशासनिक क्षेत्र पर हुए हवाई हमलों के बाद ईरानी अधिकारियों ने मोजतबा खामेनेई के अंग काटे जाने और गंभीर सर्जरी की अफवाहों को खारिज किया.

ईरानी धार्मिक और राजनीतिक नेता मोजतबा खामेनेई काले रंग का साफा (पगड़ी) और चश्मा पहने हुए, तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान.
Ayatollah Ali Khamenei death rumours 2026 : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत और उनके उत्तराधिकारी माने जा रहे मोजतबा खामेनेई के गंभीर रूप से घायल होने की अंतरराष्ट्रीय खबरों के बीच तेहरान से एक बहुत बड़ा और आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन तमाम वैश्विक अटकलों और दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि एक भीषण हवाई हमले के दौरान मोजतबा खामेनेई का कोई अंग काटना पड़ा है या उनका चेहरा पूरी तरह विकृत हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के जनसंपर्क एवं सूचना केंद्र के निदेशक हुसैन करमानपुर ने एक विशेष प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मोजतबा खामेनेई के शरीर का कोई भी अंग नहीं काटा गया है और उनके चेहरे को कोई क्षति नहीं पहुंची है. इस आधिकारिक बयान के बाद पिछले कई दिनों से मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रहा सस्पेंस अब कुछ हद तक कम हुआ है.
ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गई रिपोर्टों के अनुसार, निदेशक हुसैन करमानपुर ने उस खौफनाक दिन की सिलसिलेवार हकीकत बयां की है जब तेहरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पाश्चर प्रशासनिक क्षेत्र को निशाना बनाया गया था. उस दिन पाश्चर अस्पताल के आसपास का इलाका, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का कार्यालय, सरकार के वरिष्ठ सदस्यों के दफ्तर और क्रांतिकारी नेता का आवास सीधे तौर पर युद्ध की जद में आ गए थे. हमले के तुरंत बाद तेहरान की सड़कों पर अभूतपूर्व अराजकता और भारी जाम लग गया था, जिसके चलते देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जफरखंडी खुद घायलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर सीना अस्पताल पहुंचे थे. दोपहर ठीक बारह बजे जब यह संवेदनशील इनपुट मिला कि आगा मोजतबा खामेनेई को आपातकालीन स्थिति में सीना अस्पताल लाया जा रहा है, तो पूरे चिकित्सा तंत्र में हड़कंप मच गया और तत्काल विशेष ऑपरेशन थिएटर को हाई-अलर्ट पर रख दिया गया.
अस्पताल के भीतर की आपातकालीन स्थितियों का विवरण देते हुए करमानपुर ने बताया कि मोजतबा खामेनेई के शरीर पर उस भीषण विस्फोट के कारण कई घाव जरूर थे, जो कि उस क्षेत्र में मौजूद किसी भी व्यक्ति को होना स्वाभाविक था. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि क्रांतिकारी नेता को कोई ऐसी जानलेवा या अत्यंत गंभीर आंतरिक चोट नहीं आई थी जिसके लिए किसी बड़े अंग-विच्छेदन (एम्प्यूटेशन) या जटिल सर्जरी की आवश्यकता पड़ती. चिकित्सा दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके घावों पर कुछ साधारण टांके लगाए और उनके पैर के जिस हिस्से पर चोट के निशान गहरे थे, वहां मामूली शल्य प्रक्रिया अपनाई गई. स्वास्थ्य मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण उन अफवाहों पर विराम लगाने के लिए जारी किया गया है जिनमें प्रोस्थेटिक्स (कृत्रिम अंग) और प्लास्टिक सर्जरी के कयास लगाए जा रहे थे.
इस पूरे मामले में वैश्विक रहस्य और कूटनीतिक सनसनी तब और बढ़ गई जब साइप्रस में तैनात ईरान के राजदूत अलीरेजा सलारियन ने निकोसिया में ब्रिटिश समाचार पत्र 'द गार्जियन' को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि मोजतबा खामेनेई के हाथ, पैर और बाजू में गंभीर चोटें आई हैं और वह लंबे समय के लिए अस्पताल में भर्ती हैं. राजदूत के इस विरोधाभासी बयान और मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक गणराज्य का नया नेतृत्व सौंपे जाने की घोषणा के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से न देखे जाने के कारण अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में संशय बरकरार है. विभिन्न खुफिया रिपोर्टों का दावा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के आधिकारिक कार्यालय को अमेरिकी और इजरायली विमानों द्वारा कम से कम दो बार सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था और युद्ध के शुरुआती क्षणों में हुए पहले घातक हमले में ही अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी. ईरान के इस ताजा आधिकारिक कबूलनामे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मध्य पूर्व के बदलते सत्ता समीकरणों के बीच तेहरान अपने नए शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा और शारीरिक स्थिति को लेकर वैश्विक प्रोपेगैंडा को नियंत्रित करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है.

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
