भारतीय तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं- क्या भारतीय जहाजों पर हमला ईरान की सबसे बड़ी भूल साबित होगा?
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान की नाकाबंदी जारी रखने और होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए सुरक्षित करने की मांग की।

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और ईरान के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा करते हुए।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण गलियारे, होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा की गई हालिया कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और समुद्री सुरक्षा के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और उसकी आर्थिक नाकाबंदी को और अधिक प्रभावी बनाने का आग्रह किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही चरम पर है और समुद्री परिवहन की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के बेहद करीबी माने जाने वाले सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर हमले करके होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने प्रभुत्व का झूठा दावा कर रहा है। ग्राहम के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नेतृत्व में किए जा रहे ये 'दुस्साहसी' हमले वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सीधा खतरा हैं। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन को सुझाव दिया है कि ईरान के खर्ग द्वीप जैसे तेल केंद्रों को निशाने पर लेना चाहिए ताकि तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाया जा सके। ग्राहम ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को यह साबित करना होगा कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र किसी एक देश की जागीर नहीं है और उसे बिना किसी बाधा के खुला रखने की क्षमता उनके पास है।
इस पूरे विवाद की जड़ में वह गोलीबारी की घटना है, जिसने भारतीय मालवाहक जहाजों को अपना मार्ग बदलने पर मजबूर कर दिया। भारत ने इस मामले में कड़ा कूटनीतिक रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में तैनात ईरानी राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने राजदूत के समक्ष भारत की गंभीर चिंताएं दर्ज कराईं और इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन नियमों का उल्लंघन करार दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपने नाविकों और वाणिज्यिक हितों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि पूर्व में ईरान भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग का समर्थक रहा है, ऐसे में वर्तमान हिंसक हस्तक्षेप दोनों देशों के बीच व्यापारिक विश्वास को चोट पहुँचाता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत ने ईरान से आग्रह किया है कि वह अपने सैन्य बलों को नियंत्रित करे और होर्मुज के रास्ते भारतीय जहाजों के आवागमन को सुगम बनाए। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, निर्दोष पारगमन का अधिकार (Right of Innocent Passage) सभी राष्ट्रों को प्राप्त है, जिसका उल्लंघन क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। अमेरिकी सीनेटर ग्राहम की चेतावनी और भारत के विरोध ने तेहरान को स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर यह उकसावा जारी रहा, तो उसे गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज की लहरों पर टिकी हैं, जहां सुरक्षा और संप्रभुता के बीच एक बेहद बारीक लकीर खिंची हुई है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
