"शांति पर करो निवेश, जंग पर नहीं": गुटेरेस की अपील
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया से अपील की है कि युद्ध पर नहीं, शांति और विकास पर खर्च बढ़ाया जाए। उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा अब समय है पारदर्शी और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था बनाने का।

संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग वर्षों से उठती रही है, और अब महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस मुद्दे पर एक बार फिर जोर दिया है। उन्होंने सुरक्षा परिषद से अपील की कि वह अपने संसाधन और ताकत युद्ध की तैयारी में नहीं, बल्कि विकास और शांति कायम करने में लगाए।
गुटेरेस शुक्रवार को हनोई से वीडियो लिंक के ज़रिए सुरक्षा परिषद की “संयुक्त राष्ट्र के भविष्य” पर आयोजित खुली बहस में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने एक ऐतिहासिक किस्सा सुनाया—1946 में सुरक्षा परिषद की पहली मतपेटी जब निरीक्षण के लिए खोली गई थी, तो उसमें पहले से ही एक छोटा कागज़ मिला था।
वह नोट न्यूयॉर्क के एक स्थानीय मैकेनिक पॉल एंटोनियो ने लिखा था, जिसमें उन्होंने पूरी दुनिया में स्थायी शांति की कामना की थी। गुटेरेस ने कहा, “वह साधारण व्यक्ति हमें याद दिलाता है कि यह परिषद क्यों बनी—उन लाखों लोगों की उम्मीदों के लिए, जो युद्ध से बचने के लिए इस संस्था पर भरोसा करते हैं।”
महासचिव ने कहा कि सुरक्षा परिषद में बैठना कोई सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है — लोगों के विश्वास का आदर करना और युद्ध पर होने वाले खर्च को मानव विकास और शांति प्रयासों में लगाना। उन्होंने कहा, “पिछले आठ दशकों में संयुक्त राष्ट्र ने कई बार महाशक्तियों को सीधी टक्कर से बचाया है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता कमजोर हुई है।”
गुटेरेस ने चेतावनी दी कि जब कोई देश अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी करता है, तो दूसरे देश भी उसी राह पर चलने लगते हैं — और इतिहास बताता है कि इस रास्ते का अंत हमेशा विनाश में हुआ है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति और न्याय के लिए सुरक्षा परिषद में सुधार अब और टाला नहीं जा सकता। विशेष रूप से अफ्रीका जैसे क्षेत्रों की स्थायी आवाज परिषद में होनी चाहिए, जहां संयुक्त राष्ट्र के सबसे अधिक शांति अभियान चल रहे हैं, लेकिन निर्णय लेने में उनकी कोई स्थायी भूमिका नहीं है।
गुटेरेस ने कहा, “अब वक्त है कि सुरक्षा परिषद के दरवाजे खोले जाएं और पारदर्शिता की रोशनी अंदर आए। अगर हम इसे अधिक न्यायपूर्ण और जवाबदेह नहीं बनाएंगे, तो आने वाले 80 सालों की चुनौतियों के सामने पूरी दुनिया असुरक्षित हो जाएगी।”

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
