अंतरराष्ट्रीय महिला गणित दिवस हर वर्ष 12 मई को मरयम मिर्ज़ाखानी की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस गणित में महिलाओं के योगदान को सम्मान देने, उनके कार्यों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और समावेशी वैज्ञानिक समुदाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

गणित जैसे जटिल और बौद्धिक क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और उनके योगदान को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से हर वर्ष 12 मई को अंतरराष्ट्रीय महिला गणित दिवस मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से ईरानी मूल की विश्वविख्यात गणितज्ञ मरयम मिर्ज़ाखानी की स्मृति को समर्पित है, जो प्रतिष्ठित फील्ड्स मेडल प्राप्त करने वाली पहली महिला थीं। उन्हें अक्सर गणित का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है। मिर्ज़ाखानी स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रहीं और ज्यामिति एवं डायनामिकल सिस्टम्स के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी शोध ने वैश्विक गणितीय समुदाय को नई दिशा दी। वर्ष 2017 में 40 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

इस दिवस की शुरुआत “मई 12 पहल” के रूप में हुई, जिसे बाद में “May12 Initiative” के नाम से जाना गया। इस पहल का नेतृत्व ईरानी गणितीय समाज की महिला समिति द्वारा किया गया था और इसे 31 जुलाई 2018 को ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित वर्ल्ड मीटिंग फॉर वूमेन इन मैथमेटिक्स में औपचारिक स्वीकृति मिली। इस वैश्विक पहल को आगे बढ़ाने में African Women in Mathematics Association, European Women in Mathematics, Association for Women in Mathematics, Indian Women and Mathematics तथा Colectivo de Mujeres Matemáticas de Chile जैसी प्रमुख संस्थाओं ने सहयोग दिया।

इस अभियान के प्रचार और समन्वय के लिए 12 मार्च 2019 को एक आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई, जिसके माध्यम से विभिन्न देशों में आयोजित कार्यक्रमों का पंजीकरण और प्रचार किया जाता है। पहली बार वर्ष 2019 में इस दिवस के अवसर पर 100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो इसकी वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। इसके बाद से यह दिवस हर वर्ष मनाया जा रहा है और वर्ष 2024 तक दुनिया भर में 180 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इन कार्यक्रमों में व्याख्यान, प्रदर्शनी, कार्यशालाएं, फिल्म प्रदर्शन और महिलाओं के गणितीय योगदान पर केंद्रित चर्चाएँ शामिल होती हैं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य न केवल महिलाओं के कार्य को उजागर करना है, बल्कि गणित के क्षेत्र में उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा करना है। यह कार्यक्रम मुख्यतः शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित किए जाते हैं और वैश्विक स्तर पर व्यापक भागीदारी प्राप्त करते हैं।

इसके अतिरिक्त, 14 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस की थीम “Mathematics and Hope” रखी गई है, जो गणित को मानवता के लिए आशा, सहयोग और वैश्विक समस्याओं के समाधान के एक सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत करती है। यह दिन अक्सर महिलाओं से संबंधित गणितीय पहलों के साथ भी मनाया जाता है, जिससे विज्ञान में समावेशिता और समानता का संदेश और मजबूत होता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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