कनाडा के नियाग्रा क्षेत्र में गूँजी जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी संयुक्त घोषणा ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन तेहरान ने तत्काल पलटवार करते हुए इन दावों को ‘बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना’ ठहरा दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने गुरुवार को सिन्हुआ समाचार एजेंसी को दिए बयान में जी-7 की आलोचना करते हुए कहा कि आरोपों का कोई आधार नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में ढोंग की पराकाष्ठा है।


जी-7 देशों ने अपनी घोषणा में ईरान पर यूक्रेन युद्ध में रूस को सैन्य सहायता प्रदान करने का आरोप लगाया। इसके अलावा, ईरान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, परमाणु अप्रसार संधि का पालन करने तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ पूर्ण सहयोग देने की मांग की गई, जिसमें सभी परमाणु केंद्रों की निरीक्षण शामिल है। जी-7 ने सभी देशों से सितंबर में संयुक्त राष्ट्र द्वारा बहाल किए गए पुराने प्रतिबंधों का पालन करने का भी आह्वान किया। घोषणा में ईरान से अमेरिका के साथ सीधी वार्ता करने की सलाह दी गई, जिसमें फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी (ई3) का समर्थन शामिल था।


इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बघई ने कहा कि जी-7, ई3 और अमेरिका की उन गलत तथा गैर-कानूनी कार्रवाइयों का समर्थन कर रहा है, जिनके जरिए 2015 के परमाणु समझौते (जेसीपीओए) की विवाद निपटान प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पुराने प्रतिबंधों को पुनर्जीवित किया गया। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु केंद्रों पर हमला करने की अवैध आक्रामकता का आरोप लगाया और कहा कि बिना इन हमलों का उल्लेख किए आईएईए सहयोग की मांग करना दखलअंदाजी और पाखंड है। यूक्रेन युद्ध से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए बघई ने दोहराया कि ईरान युद्ध का विरोधी है और संवाद तथा बातचीत से विवाद सुलझाने का समर्थक है।


यह कूटनीतिक टकराव 2015 के परमाणु समझौते के बाद से चले आ रहे तनाव को और गहराता है, जहाँ एक ओर जी-7 प्रतिबंधों की बहाली पर जोर दे रहा है, वहीं ईरान इसे अवैध और समझौते का उल्लंघन मानता है। अमेरिका-इजरायल के हमलों का मुद्दा ईरान के लिए संप्रभुता और शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की रक्षा का प्रतीक बन चुका है। जी-7 की यह घोषणा वैश्विक कूटनीति में ईरान को अलग-थलग करने की कोशिशों को दर्शाती है, जबकि तेहरान का पलटवार क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद की अपनी नीति को मजबूत करता है। यह विवाद आने वाले दिनों में परमाणु वार्ताओं और मध्य-पूर्व की geopolitics को नई दिशा दे सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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