क्यों मनाया जाता है विश्व संग्रहालय दिवस? जानें कैसे 1977 से शुरू हुई इसकी कहानी
विश्व संग्रहालय दिवस 2026 “Museums Uniting a Divided World” थीम के साथ मनाया जाएगा, जिसमें संग्रहालयों की वैश्विक भूमिका, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया जाएगा। 1977 में शुरू हुए इस आयोजन का उद्देश्य कला और विरासत को संरक्षित करना है।

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026
हर वर्ष 18 मई के आसपास मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) दुनिया भर में कला, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समर्पित एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन है। इस दिवस का समन्वयन अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (ICOM) द्वारा किया जाता है, जिसका उद्देश्य संग्रहालयों की भूमिका को समाज के विकास में उजागर करना और वैश्विक जनता को उनकी चुनौतियों एवं योगदान से परिचित कराना है। वर्ष 2026 के लिए इस आयोजन की थीम “Museums Uniting a Divided World” रखी गई है, जो आज के विभाजित वैश्विक परिदृश्य में संग्रहालयों को सांस्कृतिक संवाद और एकता के सेतु के रूप में प्रस्तुत करती है।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की शुरुआत वर्ष 1977 में हुई थी, जब ICOM ने एक प्रस्ताव के माध्यम से इसे वार्षिक कार्यक्रम के रूप में स्थापित किया। इसका उद्देश्य संग्रहालयों की रचनात्मकता और प्रयासों को एक साझा मंच प्रदान करना तथा विश्व समुदाय का ध्यान उनकी गतिविधियों की ओर आकर्षित करना था। वर्ष 1992 में पहली बार इसकी वार्षिक थीम तय की गई, जिससे प्रत्येक वर्ष बदलते सामाजिक, सांस्कृतिक और वैश्विक मुद्दों को संग्रहालयों के माध्यम से सामने लाने की परंपरा शुरू हुई।
आगे चलकर वर्ष 1997 में ICOM द्वारा अंतरराष्ट्रीय पोस्टर जारी किया गया, जिसे 28 देशों ने अपनाया। इसके बाद यह आयोजन तेजी से वैश्विक स्तर पर फैलता गया। वर्ष 2009 में लगभग 20,000 संग्रहालयों ने 90 से अधिक देशों में भाग लिया, जबकि 2010 में यह संख्या 98 देशों तक पहुंच गई। वर्ष 2011 में 100 देशों की भागीदारी दर्ज की गई और 2012 तक 30,000 से अधिक संग्रहालय 129 देशों में इस वैश्विक उत्सव का हिस्सा बने। वर्ष 2014 तक यह आंकड़ा बढ़कर 35,000 संग्रहालयों और 140 देशों तक पहुंच गया, जो इसकी बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
संग्रहालय न केवल ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण स्थल हैं, बल्कि वे मानव सभ्यता की स्मृतियों, कला और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत केंद्र भी हैं। इसी संदर्भ में विश्व के प्रमुख संग्रहालयों का विशेष महत्व है, जो वैश्विक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
विश्व के शीर्ष 5 प्रमुख संग्रहालय:
- लूवर संग्रहालय, पेरिस (फ्रांस): विश्व का सबसे अधिक देखा जाने वाला कला संग्रहालय, जिसमें मोनालिसा और वीनस डी मिलो जैसी विश्वप्रसिद्ध कृतियाँ शामिल हैं।
- वेटिकन संग्रहालय, वेटिकन सिटी: पोप द्वारा सदियों में संचित कला संग्रह, जिसमें सिस्टिन चैपल की छत और राफेल रूम्स प्रमुख आकर्षण हैं।
- ब्रिटिश म्यूजियम, लंदन (यूके): मानव इतिहास और संस्कृति को समर्पित संग्रहालय, जिसमें रोसेटा स्टोन और मिस्र की ममियां शामिल हैं।
- मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट, न्यूयॉर्क (अमेरिका): 5000 वर्षों की वैश्विक कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने वाला विशाल संग्रहालय।
- नेशनल म्यूजियम ऑफ चाइना, बीजिंग (चीन): प्राचीन से आधुनिक चीन के इतिहास को दर्शाने वाला विश्व के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक।
विश्व संग्रहालय दिवस 2026 केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि यह वैश्विक समाज को जोड़ने, इतिहास को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों को मानव सभ्यता की गहराई से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरता है। यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि संग्रहालय केवल अतीत के संरक्षक नहीं, बल्कि भविष्य की समझ और एकता के महत्वपूर्ण स्तंभ भी हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
