आखिर क्यों ज़रूरी है परिवार का होना..? अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर जानिए UN का बड़ा संदेश
अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस 2026 पर संयुक्त राष्ट्र ने “Families, Inequalities and Child Wellbeing” थीम के जरिए बढ़ती सामाजिक और आर्थिक असमानताओं के बीच परिवारों और बच्चों के भविष्य पर वैश्विक चिंता जताई है। 15 मई को मनाया जाने वाला यह दिवस परिवारों की भूमिका और बाल कल्याण जैसे अहम मुद्दों को केंद्र में लाता है।

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस
हर वर्ष 15 मई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई- परिवार की भूमिका, चुनौतियों और बदलती परिस्थितियों पर गंभीर वैश्विक संवाद का अवसर बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिवस दुनिया भर में परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय मुद्दों को केंद्र में लाने का प्रयास करता है। वर्ष 2026 में यह दिन ऐसे समय पर मनाया जा रहा है, जब बढ़ती असमानताएं, आर्थिक दबाव और बदलती सामाजिक संरचनाएं परिवारों और बच्चों के भविष्य को गहराई से प्रभावित कर रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1993 में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की घोषणा की थी, ताकि परिवारों से जुड़े मुद्दों को वैश्विक स्तर पर पहचान और प्राथमिकता मिल सके। इसके बाद 1994 को “अंतरराष्ट्रीय परिवार वर्ष” घोषित किया गया और 1995 से हर साल 15 मई को यह दिवस आधिकारिक रूप से मनाया जाने लगा। समय के साथ इस दिवस का महत्व और भी बढ़ता गया, क्योंकि आधुनिक समाज में परिवारों के सामने नई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां लगातार उभरती रही हैं।
वर्ष 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की थीम “Families, Inequalities and Child Wellbeing” रखी गई है। यह थीम इस बात पर केंद्रित है कि बढ़ती असमानताएं किस प्रकार परिवारों की संरचना, जीवन स्तर और बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस वर्ष विशेष रूप से बेहतर शिक्षा और बाल देखभाल सुविधाओं की उपलब्धता, मजबूत सामाजिक सुरक्षा नीतियों, अभिभावकों के लिए सहयोग और भुगतान अवकाश जैसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता पर जोर दिया है। साथ ही बच्चों और परिवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने को भी वैश्विक प्राथमिकता बताया गया है।
दुनिया के विभिन्न देशों में इस अवसर पर परिवारों को केंद्र में रखकर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कहीं सामुदायिक सभाएं होती हैं तो कहीं स्कूलों और संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। परिवारिक एकता, सामाजिक समरसता और बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और सांस्कृतिक आयोजन भी किए जाते हैं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना होता है कि मजबूत परिवार ही स्वस्थ और स्थिर समाज की नींव होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बदलती जीवनशैली, आर्थिक असंतुलन और सामाजिक दबावों के बीच परिवारों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिवस नहीं, बल्कि समाज और सरकारों के लिए एक गंभीर चेतावनी और अवसर दोनों बनकर उभरा है। यह दिवस दुनिया को यह याद दिलाता है कि यदि परिवार सुरक्षित, मजबूत और संतुलित रहेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
