क्यों मनाते हैं जैव विविधता दिवस? जानें कैसे UN की ये पहल बदल सकती है पर्यावरण का भविष्य
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हर वर्ष 22 मई को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने जैव विविधता संरक्षण के महत्व को उजागर करने के लिए स्थापित किया है। वर्ष 2026 की थीम “स्थानीय रूप से कार्रवाई, वैश्विक प्रभाव” है, जो समुदाय स्तर पर किए गए प्रयासों के वैश्विक पर्यावरणीय प्रभाव को रेखांकित करती है।

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस का इतिहास
संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय दिवसों में एक महत्वपूर्ण दिवस अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, जिसे विश्व जैव विविधता दिवस के नाम से भी जाना जाता है, हर वर्ष 22 मई को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। यह दिवस पृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और पारिस्थितिक तंत्र की विविधता के संरक्षण और उसके महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समर्पित है।
इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की द्वितीय समिति द्वारा की गई थी। प्रारंभिक वर्षों में इसे 29 दिसंबर को मनाया जाता था, ताकि जैव विविधता पर सम्मेलन के लागू होने की तिथि को स्मरण किया जा सके। यह सम्मेलन 29 दिसंबर 1993 को प्रभावी हुआ था। हालांकि वर्ष 2000 में संयुक्त राष्ट्र ने इस तिथि में बदलाव करते हुए इसे 22 मई निर्धारित किया। यह परिवर्तन 22 मई 1992 को रियो डी जेनेरियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन में जैव विविधता पर कन्वेंशन के अपनाए जाने की ऐतिहासिक घटना को सम्मान देने के लिए किया गया था। साथ ही यह निर्णय इसलिए भी लिया गया ताकि दिसंबर के अंत में पड़ने वाले अनेक अन्य पर्वों और अवकाशों से इस दिवस की वैश्विक पहचान प्रभावित न हो।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के व्यापक ढांचे के अंतर्गत आता है, जो 2015 के बाद की विकास एजेंडा का हिस्सा है। इस पहल के तहत जैव विविधता का संबंध सतत कृषि, मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण, सूखा, जल एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य, ऊर्जा, विज्ञान और तकनीकी नवाचार, ज्ञान-साझाकरण, शहरी लचीलापन, जलवायु परिवर्तन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, महासागरों और समुद्रों के संरक्षण, वनों की सुरक्षा, कमजोर समुदायों विशेषकर आदिवासी समूहों, तथा खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जोड़ा गया है। रियो+20 सम्मेलन के परिणाम दस्तावेज “द वर्ल्ड वी वांट: ए फ्यूचर फॉर ऑल” में भी जैव विविधता की भूमिका को सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया था।
वर्ष 2026 के लिए विश्व जैव विविधता दिवस की थीम “स्थानीय रूप से कार्रवाई, वैश्विक प्रभाव” घोषित की गई है। यह संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों की प्राप्ति केवल बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर समुदायों, स्थानीय निकायों और व्यक्तिगत प्रयासों के संयुक्त प्रभाव से ही संभव है। यह थीम इस विचार को भी मजबूती देती है कि स्थानीय स्तर पर की गई पर्यावरणीय और सतत विकास से जुड़ी पहलें वैश्विक पारिस्थितिक संतुलन पर व्यापक और सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
हर वर्ष 22 मई को मनाया जाने वाला यह दिवस न केवल जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करता है, बल्कि मानव सभ्यता और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है। बदलते वैश्विक पर्यावरणीय परिदृश्य में यह दिवस नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों और आम नागरिकों को एक साझा मंच पर लाकर प्रकृति संरक्षण के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
