इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में भारत ने दुनिया को अपना भविष्य का विज़न दिखाया — एक ऐसा डिजिटल भारत जो किफ़ायती, टिकाऊ और सबके लिए समान कनेक्टिविटी प्रदान करे। सरकार ने साफ़ संदेश दिया कि अब भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि नई दूरसंचार प्रौद्योगिकियों का निर्माता और वैश्विक नेता बनेगा।

भारत सरकार 6G तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए कई रणनीतिक कदम उठा रही है। यह पहल स्वदेशी नवाचार, उन्नत अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए समाज को और अधिक सशक्त बनाने पर केंद्रित है। 6G सिर्फ़ तेज़ इंटरनेट नहीं, बल्कि स्मार्ट, सुरक्षित और हर जगह उपलब्ध कनेक्टिविटी की दिशा में एक क्रांति है।

अगली पीढ़ी की यह तकनीक 5G से भी कहीं आगे होगी। 6G नेटवर्क न केवल हाई-स्पीड डेटा देगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से खुद तय करेगा कि डेटा कहाँ स्टोर या ट्रांसफर होना चाहिए। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और ग्रामीण विकास तक हर क्षेत्र में डिजिटल सेवाएँ और तेज़, भरोसेमंद बनेंगी।

भारत ने 2023 में अपना ‘6G विज़न डॉक्युमेंट’ जारी किया था, जिसमें 2030 तक 6G तकनीक के डिज़ाइन और विकास में अग्रणी भूमिका निभाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। जैसे कि देशभर के कॉलेजों में 100 से अधिक 5G प्रयोगशालाएँ, 6G टेस्टबेड्स की स्थापना और भारत 6G अलायंस (B6GA) का गठन। यह गठबंधन उद्योग, स्टार्टअप्स, शिक्षा जगत और शोध संस्थानों को एक मंच पर लाकर स्वदेशी तकनीक को मज़बूत कर रहा है। जुलाई 2025 तक इस अलायंस में 80 से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं, जिनमें 30 से अधिक भारतीय स्टार्टअप शामिल हैं।

भारत अब केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी तकनीकी समाधान तैयार कर रहा है। अमेरिका, यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और फिनलैंड जैसे देशों के साथ भारत ने 6G सहयोग के लिए समझौते किए हैं, ताकि वैश्विक मानकीकरण और नवाचार में मिलकर काम किया जा सके। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में भारत ने अपना ‘मेड-इन-इंडिया’ 4G स्टैक भी प्रदर्शित किया, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यही तकनीक भविष्य में भारत के 6G नेटवर्क की रीढ़ बनेगी।

सरकार के अनुसार, 6G से जुड़ा यह पूरा क्षेत्र 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है। साथ ही, भारत का लक्ष्य है कि वह वैश्विक 6G पेटेंट्स में 10% की हिस्सेदारी हासिल करे। इन पहलों के ज़रिए भारत एक ऐसा डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है जो सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार होगा। यह मिशन न सिर्फ़ तकनीकी रूप से भारत को मज़बूत करेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों और आम नागरिकों तक तेज़ इंटरनेट पहुँचाकर आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित करेगा।

भारत अब डिजिटल युग का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका नेतृत्व करने के लिए तैयार है और 6G इस सफ़र का सबसे बड़ा मील का पत्थर बनने जा रहा है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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