भारत की वैश्विक जीत; UN की कुर्सी अब बस एक कदम दूर?
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव एंटोनियो गुतेरस सुरक्षा परिषद में बदलाव के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि अब वक्त है 1945 नहीं, 2025 की दुनिया को प्रतिनिधित्व देने का भारत के लिए बड़ा संकेत!

अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहुत सी नई घटनाए घट रही है। ऐसे में ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनिओ गुततेरस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने भारत की तारीफ में कुछ बाते कही है। जिस कारण पाकिस्तान, अमेरिका, चीन और तुर्की इन सबके होश उड़ गए है। उन्होंने भारत की संयुक्त राष्ट्र में जो एहमियत है उसे बया किया है। इसी दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों के बारे में भी बातचित की। जब से अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप बने है तब से वो भारत के लिए हर बार किसी न किसी के माध्यम से अलग अलग रुख अपना रहे है। जैसे की, अवैध तरीके से अमेरिका में रहनेवाले भारतीयों को जंजीरे और हथकड़ी लगाकर भारत भेजना, भारत ने रूस से तेल ना खरीदे इसलिए भारत पर दबाव डालना, भारत के हर सामान पर भारी भरकम टैरिफ लगाना, पाकिस्तान से करीबी बढ़ाना और अब H1B वीजा को लेकर नियम और कानून सख्त करना, इत्यादि। तो आईये जानते है संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में क्या हुआ।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान महासचिव एंटोनिओ गुततेरस ने भारत को लेकर एक अहम टिप्पणी की है, जिससे भारत सुर्ख़ियों में छाया है। यूएन प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने स्पष्ट कहा कि भारत न केवल संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि महासचिव एंटोनियो गुतेरस के भारत की सरकार के साथ मजबूत और सकारात्मक संबंध हैं। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि भारत की आवाज़ को वैश्विक मंच पर विशेष अहमियत दी जाती है। इस बैठक में सुरक्षा परिषद में बदलाव का समर्थन भी किया गया है, जिससे भारत की दवेदारी को परोक्ष बल मिलने की संभावना मानी जा रही है।
दुजारिक ने बातचीत में बताया कि एंटोनियो गुतेरस सुरक्षा परिषद में बदलाव चाहते हैं, ताकि परिषद १९४५ की नहीं, बल्कि २०२५ की दुनिया का सही प्रतिनिधित्व कर सके। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूएन में सुधार की मांग ज़ोर पकड़ रही है और भारत लंबे समय से स्थाई सदस्यता की अपनी दावेदारी पेश करता आ रहा है। हालाँकि, दुजारिक ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता पर अंतिम निर्णय सदस्य देशों का ही होगा। उन्होंने आगे भारत के योगदान के बारे में कहा की, "भारत यूएन का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह बहुपक्षवाद का महत्वपूर्ण समर्थक है। यूएन महासचिव के भारत की सरकार के साथ अच्छे रिश्ते हैं। बहुत सारे भारतीय यहां हमारे साथ काम करते हैं। भारत यूएन की महत्वपू्र्ण आवाज है।"
दिलचस्प बात यह है कि स्टीफन दुजारिक का ये बयान उस समय सामने आया है, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करने जा रहे हैं। ऐसे में भारत की तारीफ और उसके वैश्विक महत्व को रेखांकित करना यूएन की कूटनीति में एक खास संकेत माना जा रहा है। यह संकेत न सिर्फ भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक शक्ति संतुलन में संभावित बदलाव की ओर भी इशारा करता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
