India global trade agreements : भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच वर्षों से चली आ रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत आखिरकार पूरी हो गई है। इस ऐतिहासिक समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’ कहा जा रहा है, क्योंकि इसके लागू होने से दुनिया की लगभग 25 प्रतिशत वैश्विक GDP और करीब 2 अरब उपभोक्ताओं वाला विशाल बाजार एक साझा व्यापारिक ढांचे में आ जाएगा। दोनों पक्षों ने इसे द्विपक्षीय व्यापार इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया है।

इस डील के साथ भारत और यूरोपीय संघ के 27 देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम होंगी, टैरिफ में कटौती होगी और भारतीय उत्पादों को यूरोप के विकसित बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह समझौता भारत के निर्यात, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति देगा।

क्या है FTA (Free Trade Agreement) ?

FTA यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एक द्विपक्षीय या बहुपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता होता है, जिसके तहत शामिल देश आपसी सहमति से आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम या समाप्त करते हैं। इसका उद्देश्य एक मुक्त व्यापारिक क्षेत्र (Free Business Area) तैयार करना होता है, जिससे कारोबार सुगम और प्रतिस्पर्धी बन सके।

दुनिया के प्रमुख देशों की फ्री ट्रेड डील्स

  • ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया ने ASEAN, चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, यूके, अमेरिका सहित कई एशियाई और पश्चिमी देशों के साथ FTA कर रखे हैं।

  • कनाडा

कनाडा के प्रमुख FTA साझेदारों में अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, यूके, इजरायल, दक्षिण कोरिया और EFTA देश शामिल हैं।

  • चीन

चीन ने पाकिस्तान, ASEAN देशों, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और कई अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड समझौते किए हैं।

  • यूरोपियन यूनियन (EU)

EU ने भारत के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, इजरायल सहित कई एशियाई, अफ्रीकी और यूरोपीय देशों से FTA किए हैं।

  • जापान और अमेरिका

जापान और अमेरिका दोनों ही भारत, ASEAN देशों, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ मजबूत फ्री ट्रेड नेटवर्क बनाए हुए हैं।

  • यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन

रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान सहित इस यूनियन के देशों ने चीन, वियतनाम, ईरान और सिंगापुर जैसे देशों के साथ फ्री ट्रेड समझौते किए हैं।

भारत की फ्री ट्रेड डील्स का दायरा :

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने EU से पहले ही ASEAN, जापान, दक्षिण कोरिया, UAE, ऑस्ट्रेलिया, यूके, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मॉरीशस और सिंगापुर जैसे देशों व समूहों के साथ फ्री ट्रेड समझौते किए हैं। EU डील के साथ भारत का वैश्विक व्यापार नेटवर्क और मजबूत हुआ है।

भारत को सबसे ज्यादा व्यापारिक फायदा किन देशों से?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-अमेरिका व्यापार लगभग 41.18 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस व्यापार में भारत को सरप्लस मिलता है, यानी भारत अमेरिका को ज्यादा निर्यात करता है और आयात कम करता है।

इसके अलावा भारत को नीदरलैंड, यूके और बांग्लादेश से भी व्यापारिक लाभ होता है। वहीं, चीन भारत के लिए सबसे बड़ा व्यापार घाटा देने वाला देश है, क्योंकि भारत चीन से अधिक आयात करता है और निर्यात अपेक्षाकृत कम है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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