India–Russia Summit 2025 : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब भी विदेश यात्रा पर जाते हैं, उनके साथ एक पूरी 'शेफ टीम' रहती है। उनके भोजन की सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए विशेष व्यवस्था होती है। इस बार भी दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके IL-96 विमान में एक अलग कम्पार्टमेंट में पैक रूसी त्वोरोग, रूसी आइसक्रीम, रूसी शहद और बोतलबंद पानी रखा जाएगा। यह कोई शौक नहीं, बल्कि राष्ट्रपति की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का हिस्सा है।

पुतिन हर बार की तरह इस बार भी भारतीय शेफ के हाथ का खाना नहीं खाएंगे। दिसंबर 2014 में जब पुतिन भारत आए थे, तो मुंबई के ताज होटल के पूरे एक फ्लोर को रूसी सुरक्षा एजेंसी FSO ने अपने नियंत्रण में ले लिया था। होटल के किचन से सभी भारतीय मसाले हटा दिए गए थे और रूस से लाई गई शेफ टीम ने ही खाना तैयार किया।

2018 में भारत-रूस समिट के दौरान भी हैदराबाद हाउस में रूसी शेफ ने अपना स्टोव लगाया था। राष्ट्रपति भवन में बिरयानी और गलौटी कबाब बने, लेकिन पुतिन ने केवल अपने रूसी सलाद और त्वोरोग का ही सेवन किया। 2022 में समरकंद की SCO समिट के दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उन्हें प्लोव खिलाने का प्रयास किया, लेकिन पुतिन ने इसे ठुकरा दिया। क्रेमलिन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के पास विशेष भोजन और कड़ाई से पालन किए जाने वाले सुरक्षा नियम हैं, और विदेश में वे केवल अपने उत्पादों का ही इस्तेमाल करते हैं।

FSO के पूर्व अधिकारी और पत्रकार आंद्रेई सोल्दातोव ने अपनी किताब 'द न्यू नोबिलिटी' में लिखा है कि 2001 से ही पुतिन के विदेशी दौरे पर ‘पोर्टेबल फूड लेबोरेटरी’ जाती है। इस लैब में हर डिश को स्पेक्ट्रोमीटर और कैमिकल टेस्ट के जरिए जांचा जाता है। 2017 में फ्रांस के वर्साय पैलेस में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी। फ्रेंच शेफ ने क्रोइसैन और फोई ग्रा तैयार किया, लेकिन पुतिन ने केवल अपना सूरी सूप और त्वोरोग खाया।

रूस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन का खाना मॉस्को के बाहर स्थित एक विशेष फार्म से आता है, जहां दूध देने वाली गायों की 24 घंटे निगरानी होती है। इस प्रकार, भारतीय शेफ का हाथ का खाना केवल प्रतीकात्मक सजावट और फोटोग्राफी के लिए ही होगा।

इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि पुतिन के भोजन संबंधी सुरक्षा मानक और निजी प्राथमिकताएं किसी भी देश या शेफ पर भरोसा नहीं करती। उनके विदेश दौरे में भोजन केवल सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप ही तैयार किया जाता है, जो उनके कड़े प्रशासनिक और व्यक्तिगत नियमों का हिस्सा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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