ईरान में भारतीय दूतावास की नई एडवाइजरी जारी; भारतीयों को फौरन देश छोड़ने के निर्देश
ईरान में भारतीय दूतावास का बड़ा अलर्ट! बढ़ते युद्ध संकट के बीच भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह। हेल्पलाइन नंबर जारी, सीमा क्षेत्रों से दूर रहने का सख्त निर्देश।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सुरक्षा संकट के बीच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित मार्गों का उपयोग कर तत्काल ईरान छोड़ने और हेल्पलाइन के संपर्क में रहने को कहा है।
Indian Embassy Tehran security advisory 2026 : पश्चिम एशिया के युद्धग्रस्त हालातों के बीच ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक नई और उच्च-स्तरीय सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए सभी भारतीयों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सख्त हिदायत दी है। डोनाल्ट ट्रंप द्वारा घोषित सीजफायर के बावजूद जमीनी स्तर पर बढ़ते संघर्ष और अप्रत्याशित सैन्य गतिविधियों ने भारतीय प्रशासन को इस आपातकालीन निकासी योजना की ओर धकेल दिया है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की देरी जोखिम भरी साबित हो सकती है।
दूतावास द्वारा जारी इस नवीनतम दिशा-निर्देश में 7 अप्रैल 2026 की पिछली एडवाइजरी का संदर्भ देते हुए कहा गया है कि हालिया घटनाक्रमों और सुरक्षा विश्लेषण के आधार पर नागरिकों को केवल दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करना चाहिए। इस आदेश में एक महत्वपूर्ण चेतावनी यह भी शामिल है कि कोई भी भारतीय नागरिक दूतावास से पूर्व परामर्श किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने का प्रयास न करे। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती सैन्य घेराबंदी और तनाव को देखते हुए यह निर्देश अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। समन्वय और आपातकालीन सहायता के लिए दूतावास ने विशेष हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए हैं ताकि निकासी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि इस सख्त आदेश से ठीक 24 घंटे पहले दूतावास ने एक सुरक्षा कवच के रूप में प्राथमिक दिशा-निर्देश जारी किए थे। उस समय नागरिकों को अगले 48 घंटों तक अपने वर्तमान ठिकानों पर ही 'शेल्टर-इन-प्लेस' यानी अंदर रहने की सलाह दी गई थी। उस दौरान भारतीयों को बिजली के भारी उपकरणों, संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहने को कहा गया था ताकि किसी भी संभावित हवाई हमले या मिसाइल गोलाबारी की स्थिति में क्षति को न्यूनतम किया जा सके। राजमार्गों पर यात्रा करने को लेकर भी सख्त पाबंदियां लागू की गई थीं, जिन्हें अब पूर्ण निकासी के आदेश में बदल दिया गया है।
⚠️ Advisory as on 08 April 2026. pic.twitter.com/pusFQIAKKI
— India in Iran (@India_in_Iran) April 8, 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार का यह कदम क्षेत्र में एक बड़े और निर्णायक सैन्य घटनाक्रम की आहट हो सकता है। दूतावास की यह सक्रियता दर्शाती है कि सीजफायर की घोषणा के बावजूद युद्ध के बादल अभी छंटे नहीं हैं। हजारों भारतीय छात्रों, व्यापारियों और कामगारों के लिए यह समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उन्हें बेहद कम समय में एक युद्धग्रस्त देश से सुरक्षित बाहर निकलना है। आने वाले कुछ घंटे और दिन न केवल भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी के लिए बल्कि पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए भी अत्यंत निर्णायक होने वाले हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
