भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर क्यों लगा ब्रेक? ट्रंप के खास दूत ने खोला बड़ा राज
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार दोनों देशों के बीच अधिकांश तकनीकी मसौदे तैयार हैं और सिर्फ कुछ अंतिम बिंदुओं पर भाषा तय होना बाकी है।

जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस में द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा समझौतों को गति देने के लिए बैठक करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं) दिखाई दे रहे हैं।
US Ambassador Sergio Gor on India US trade deal updates : भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक हल्कों में लंबे समय से सस्पेंस बना हुआ है। हर किसी के जेहन में यही यक्ष प्रश्न तैर रहा है कि आखिर दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश इस महाडील को अंतिम रूप देने में इतना वक्त क्यों ले रहे हैं। इस बीच, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे सस्पेंस पर से पर्दा उठा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दोनों महाशक्तियों के बीच अब मतभेदों का दौर लगभग समाप्त हो चुका है और सिर्फ कुछ गिने-चुने तकनीकी मुद्दों पर अंतिम सहमति बनना बाकी है। अमेरिकी दूत के इस भरोसे ने वैश्विक व्यापारिक समुदाय को एक नई उम्मीद दी है कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों के भीतर यह ऐतिहासिक समझौता धरातल पर उतर सकता है।
इस बड़े घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए सर्जियो गोर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) से एक विशेष बातचीत में हालिया उच्च स्तरीय बैठकों का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि देश की राजधानी नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर और भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक रही है। वार्ता अब उस निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां ज्यादातर काम केवल समझौते के अंतिम मसौदे की कानूनी और आधिकारिक भाषा (Final Language) को तैयार करने का रह गया है, जिस पर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व को हस्ताक्षर करने हैं। बातचीत पूरी तरह से सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अब केवल चंद अनसुलझे बिंदुओं को सुलझाना बाकी रह गया है।
अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतों की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए अमेरिकी दूत ने इस महाडील में लग रहे समय का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग इस लंबी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर इस तरह के व्यापक आर्थिक समझौतों में लंबा वक्त लगना एक बेहद सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया है। भारत और अमेरिका पिछले करीब डेढ़ साल से इस समझौते की बारीकियों पर रात-दिन काम कर रहे हैं। इसकी तुलना करते हुए उन्होंने एक बड़ा उदाहरण दिया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार समझौते को लेकर पिछले लगभग बीस वर्षों से मैराथन बातचीत चल रही है, जो आज तक किसी तार्किक परिणति पर नहीं पहुंच सकी है। इस लिहाज से देखा जाए तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील की रफ्तार काफी बेहतर है और दोनों ही पक्ष इसे लेकर बेहद सकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं।
इस कूटनीतिक प्रगति की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर दोनों वैश्विक नेताओं के बीच एक घंटे से भी अधिक समय तक चली आमने-सामने की बैठक बेहद गर्मजोशी भरी और रणनीतिक रही। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने व्यापारिक रिश्तों, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और कई अन्य भू-राजनीतिक मुद्दों पर अत्यंत गंभीर चर्चा की। इस शीर्ष स्तरीय संवाद ने दोनों देशों के तकनीकी वार्ताकारों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आने वाले कुछ ही हफ्तों में वैश्विक पटल पर कुछ बेहद बड़े और गेम-चेंजर आनुषंगिक ऐलानों की उम्मीद की जा रही है।
भारत में अपने छह महीने के कार्यकाल के अनुभवों को बेहद संजीदगी से साझा करते हुए सर्जियो गोर ने देश की तीव्र आर्थिक विकास दर और उसकी असीमित संभावनाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने अपने दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की आंतरिक क्षमता और वैश्विक स्तर पर इसकी उभरती ताकत को उन्होंने बहुत करीब से महसूस किया है। आने वाले समय में यह व्यापारिक समझौता न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देगा, बल्कि मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (IT), जीवन रक्षक फार्मास्यूटिकल्स (दवा क्षेत्र) और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों (Defense Sector) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। बहरहाल, ट्रंप के दूत का यह आधिकारिक बयान यह साफ संकेत देता है कि भारत और अमेरिका के बीच की यह आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के नए पहिये को गति देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
