India UK trade agreement : भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) भारतीय अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों के लिए नए अवसर खोलने वाला कदम बताया जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यह समझौता किसानों, मछुआरों, कारीगरों, स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे उन्हें ब्रिटेन के बड़े बाजार तक पहुंच मिल सकेगी।

नई दिल्ली में एफआईसीसीआई इंडिया के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता देश के आर्थिक हितों को मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के जरिए भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विकसित होती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निर्यात विस्तार और वैश्विक बाजारों में भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने में मदद करेगा।

99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क हटाने का प्रावधान :

पीयूष गोयल के अनुसार, भारत-ब्रिटेन सीईटीए के तहत लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त किया जाएगा, जिससे करीब 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर किया जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की संभावना है, खासकर श्रम आधारित उद्योगों में।

उन्होंने कहा कि यह समझौता कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, खिलौने, खेल उपकरण और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा दे सकता है। इससे छोटे कारोबारियों और पारंपरिक कारीगरों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

किसानों और कृषि निर्यात को बढ़ावा :

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों को भी लाभ मिलेगा। हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का गूदा, अचार और दालों जैसे कई प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलने से कृषि निर्यात को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि समझौते में भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को सुरक्षा दी गई है। डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), सेब, ओट्स और खाद्य तेल जैसे क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े हित सुरक्षित रहें।

मछुआरों और छोटे कारोबारियों को भी फायदा :

गोयल ने कहा कि भारत के मछुआरों को ब्रिटेन के बड़े बाजार में समुद्री उत्पादों के निर्यात के नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जुड़ने और अपने उत्पादों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि शुल्क बाधाएं कम होने से भारतीय कंपनियों की उत्पादन क्षमता और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। तिरुपुर के कपड़ा उद्योग से लेकर सूरत के कारीगरों और बेंगलुरु के तकनीकी क्षेत्र तक, अलग-अलग सेक्टर इस समझौते से लाभ उठा सकते हैं।

आर्थिक विकास और निवेश को मिलेगा समर्थन :

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे समझौते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत और ब्रिटेन के बीच सीईटीए पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से किया गया है।

कुल मिलाकर, भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता भारतीय निर्यातकों, किसानों, एमएसएमई और उद्योग जगत के लिए नए बाजार अवसरों का रास्ता खोलने वाला कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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