भारत-UAE रिश्तों में नई गर्माहट; मोदी का भाईचारे वाला संदेश बना चर्चा का विषय
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत पहुंचे, जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका आत्मीय स्वागत किया। संक्षिप्त दौरे में दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। यह यात्रा भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है।

India UAE relations : में कूटनीतिक हलचल के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत पहुंचे। राजधानी के हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उनका स्वागत करने पहुंचे और इस अवसर को विशेष बताते हुए उन्हें “अपना भाई” कहा। बतौर राष्ट्रपति यह शेख मोहम्मद की तीसरी भारत यात्रा है, जबकि पिछले एक दशक में यह उनका पांचवां दौरा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा कि वह अपने भाई, यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत करने एयरपोर्ट गए थे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत और यूएई के बीच गहरे और भरोसेमंद मित्रतापूर्ण संबंधों को दर्शाती है और वे आपसी बातचीत को लेकर उत्सुक हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एक संक्षिप्त, लगभग डेढ़ घंटे के दौरे पर भारत आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के बाद वह शाम छह बजकर पांच मिनट पर भारत से रवाना हो जाएंगे। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है और इसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह उच्चस्तरीय मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक राजनीति में अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिका, चीन और रूस के बीच वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को लेकर तनाव है, वहीं ईरान में हालात गंभीर बने हुए हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में यूएई और सऊदी अरब के बीच भी रिश्तों में खिंचाव की खबरें हैं। ऐसे माहौल में भारत और यूएई के शीर्ष नेतृत्व की यह बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रही है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। भारत और यूएई के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100.06 अरब डॉलर को पार कर गया है, जो लगभग 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इस उपलब्धि ने यूएई को भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में और मजबूती से स्थापित किया है।
बीते वर्षों में भारत और यूएई के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रक्षा, ऊर्जा, निवेश और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में भी इनका दायरा लगातार बढ़ा है। इसी मजबूत साझेदारी के प्रतीक के रूप में वर्ष 2019 में यूएई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया था।
संक्षिप्त लेकिन अहम इस दौरे को भारत-यूएई संबंधों में निरंतर बढ़ते विश्वास और सहयोग का संकेत माना जा रहा है, जो बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों की रणनीतिक नजदीकियों को और मजबूती प्रदान करता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
