Bharat-Russia nuclear submarine deal 2025 : भारत और रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आगमन से पहले 2 बिलियन डॉलर (करीब 16,700 करोड़ रुपये) की न्यूक्लियर सबमरीन डील पर अंतिम समझौता किया है। यह सौदा लगभग एक दशक से चर्चा में था और अब दोनों देशों ने इसे औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है। भारतीय नौसेना के अधिकारियों के अनुसार, अगले साल नवंबर में भारतीय प्रतिनिधि एक रूसी शिपयार्ड का दौरा करेंगे, जहां सबमरीन निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अवलोकन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत को यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी 2027 तक मिल जाएगी। यह भारत को रूस से मिलने वाली दूसरी परमाणु पनडुब्बी होगी। इससे पहले 2012 में भारत ने रूस से आईएनएस चक्र सबमरीन को दस वर्षों के लिए लीज पर लिया था। परमाणु ऊर्जा चालित सबमरीन डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की तुलना में लंबी अवधि तक पानी के नीचे रह सकती हैं और इनका पता लगाना मुश्किल होता है, जिससे हिंद और प्रशांत महासागर में भारत की नौसैनिक क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के बाद पाकिस्तान और चीन के लिए क्षेत्रीय रणनीति में चुनौती बढ़ सकती है। भारत वर्तमान में 17 डीज़ल-चालित पनडुब्बियों का संचालन करता है और अब वह परमाणु ऊर्जा चालित हमलावर और बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के निर्माण की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने बताया कि भारत की तीसरी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी अगले साल अपनी तैनाती के लिए तैयार होगी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत दो परमाणु ऊर्जा चालित हमलावर पनडुब्बियों का निर्माण भी कर रहा है, जो समुद्री सुरक्षा और सामरिक श्रेष्ठता को सुनिश्चित करेंगी।

इस डील से भारत की समुद्री ताकत और परमाणु क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह भारतीय नौसेना को हिंद और प्रशांत महासागर में सामरिक दबदबे के निर्माण में मदद करेगी। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शक्ति विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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