बांग्लादेशियों के लिए फिर शुरू हुआ टूरिस्ट वीजा ; जानिए क्यों भारत ने हटाई 2 साल पुरानी रोक
भारत ने लगभग दो साल बाद 28 जून 2026 से बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा सेवाएं फिर शुरू कर दी हैं। 2024 की राजनीतिक उथल-पुथल और सुरक्षा कारणों से लगी रोक के बाद यह फैसला दोनों देशों के संबंधों में सुधार का संकेत माना जा रहा है।

करीब दो वर्षों तक जारी रही रोक के बाद भारत ने एक बार फिर बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा जारी करना शुरू कर दिया है। 28 जून 2026 से लागू इस फैसले को नई दिल्ली और ढाका के बीच सामान्य होते रिश्तों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही कूटनीतिक तल्खी के बाद भारत का यह निर्णय दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
दरअसल, भारत ने वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पर्यटक वीजा सेवाओं पर रोक लगा दी थी। उस समय देश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी और व्यापक हिंसा तथा अशांति का माहौल पैदा हो गया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी प्रभावित हुई। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, ढाका स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई थी। इसके अलावा भारत के पांच इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर (IVAC) पर भी हमले हुए थे। भारत के राजनयिकों और विभिन्न विकास परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आई थीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा सेवाओं को लगभग पूरी तरह निलंबित कर दिया था।
अब परिस्थितियों में सुधार के बाद भारत ने पर्यटन वीजा सेवाएं दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है। बांग्लादेश में भारत के नव नियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने घोषणा की कि 28 जून 2026 से पर्यटक वीजा के लिए आवेदन स्वीकार किए जाने लगे हैं। शुरुआती चरण में आवेदन केवल पांच इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इनमें ढाका, चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना स्थित केंद्र शामिल हैं। भारतीय उच्चायोग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार अन्य वीजा केंद्रों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि पर्यटक वीजा पर रोक के दौरान भारत ने पूरी तरह से वीजा सेवाएं बंद नहीं की थीं। इस अवधि में चिकित्सा वीजा, मानवीय आपातकालीन वीजा तथा कुछ अन्य आवश्यक श्रेणियों के वीजा लगातार जारी किए जाते रहे। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, पर्यटक वीजा बंद रहने के बावजूद प्रतिदिन 1,500 से अधिक वीजा विभिन्न श्रेणियों में जारी किए जा रहे थे, जिससे आवश्यक कारणों से यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलती रही।
भारत का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बांग्लादेश लंबे समय से भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के सबसे बड़े स्रोतों में शामिल रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक पर्यटन, खरीदारी, पारिवारिक मुलाकात, धार्मिक यात्रा और चिकित्सा उपचार के लिए भारत आते रहे हैं। ऐसे में पर्यटन वीजा की बहाली से सीमा पार पर्यटन को नई रफ्तार मिलने, विमानन और परिवहन क्षेत्र में यात्रियों की संख्या बढ़ने, खुदरा व्यापार और आतिथ्य उद्योग को लाभ मिलने तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले दो वर्षों के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। वर्ष 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, आवागमन और वीजा सेवाओं पर भी असर पड़ा था। हालांकि पिछले कुछ महीनों में दोनों सरकारों ने संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद फिर से शुरू हुए हैं। इससे पहले बांग्लादेश ने भी भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों के वीजा बहाल कर दिए थे और अब भारत द्वारा बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा फिर से शुरू किए जाने के साथ ही दोनों देशों के बीच अधिकांश प्रमुख वीजा सेवाएं सामान्य स्थिति में लौटती दिखाई दे रही हैं।
हालांकि दोनों देशों के संबंध पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दे, भारत की सीमा सुरक्षा बल द्वारा कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजे जाने को लेकर ढाका की आपत्तियां तथा सुरक्षा और अवैध प्रवासन से जुड़े कई विषय अब भी दोनों देशों के बीच चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। इन लंबित मुद्दों के बावजूद दोनों सरकारों ने संवाद जारी रखने और सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
इस अवसर पर बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पर्यटन वीजा सेवाओं की बहाली दोनों संप्रभु देशों के लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी तथा यह भारत और बांग्लादेश के संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम साबित होगी। भारत के इस निर्णय को न केवल द्विपक्षीय रिश्तों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम पहल माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
