International Solar Alliance Ecuador : दक्षिण अमेरिका और दक्षिण एशिया के बीच की भौगोलिक दूरियां अब कूटनीतिक गर्मजोशी में तब्दील हो रही हैं। बुधवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड के बीच नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक ने दोनों राष्ट्रों के संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। तीन दिवसीय भारत दौरे पर आईं सोमरफेल्ड का यह दौरा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि व्यापार, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में एक सुदृढ़ भविष्य की नींव रखने की कवायद है। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापारिक आदान-प्रदान, कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और डिजिटल क्रांति के लाभ साझा करने पर विस्तृत चर्चा की। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक परिदृश्य में दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर आपसी तालमेल को और अधिक प्रगाढ़ करेंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकासशील देशों की आवाज बुलंद हो सके।

इस कूटनीतिक मुलाकात का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव इक्वाडोर का भारत द्वारा नेतृत्व किए जा रहे दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों 'इंटरनेशनल सोलर एलायंस' (ISA) और 'इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस' (IBCA)—से जुड़ने का निर्णय रहा। विदेश मंत्री जयशंकर ने इक्वाडोर के इस रणनीतिक कदम का स्वागत करते हुए इसे वैश्विक पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के बीच 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' (QIPs) के लिए फंडिंग पर भी सहमति बनी है। यह पहल सीधे तौर पर विकास सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी और दोनों देशों के बीच के राजनयिक संबंधों को, जो 1969 में स्थापित हुए थे, एक नई गति देगी।

गैब्रिएला सोमरफेल्ड का यह दौरा केवल कूटनीतिक मेजों तक सीमित नहीं है। वह अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाएंगी, जो दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। इसके साथ ही, वह स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी बैठकें करेंगी, जिससे स्वास्थ्य और द्विपक्षीय व्यापार के एजेंडे को आगे बढ़ाया जा सके। गौरतलब है कि पिछले वर्ष पबित्रा मार्गेरिटा के इक्वाडोर दौरे ने शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में सहयोग के जो द्वार खोले थे, सोमरफेल्ड की यह यात्रा उन संभावनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है।

भारत और इक्वाडोर के बीच गहराता यह सहयोग इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक राजनीति के इस दौर में 'ग्लोबल साउथ' के देश अब एक-दूसरे की क्षमताओं पर भरोसा कर रहे हैं। सौर ऊर्जा से लेकर डिजिटल क्षमता निर्माण तक, यह साझेदारी न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, बल्कि लातिन अमेरिकी क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पहुंच को भी नया विस्तार देगी। 1969 से शुरू हुआ यह सफर अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां तकनीक और पर्यावरण के साझा लक्ष्य दोनों देशों के नागरिकों के लिए खुशहाली का नया मार्ग प्रशस्त करेंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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