भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कश्मीर और सिंधु जल संधि पर दिए बयानों को झूठा करार दिया। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देकर दुनिया को गुमराह कर रहा है।


२६ सितंबर को भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाक प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के कश्मीर और सिंधु जलसंधि के बयान पर कड़ी आलोचना की है। साथ ही पाकिस्तान पर आतंकवाद बढ़ाने का आरोप भारत ने लगाया है।


संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने उनके बयानों को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक करार दिया।

भारत की प्रतिनिधि पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति की असल पहचान ही आतंकवाद है। उन्होंने साफ कहा कि चाहे जितना भी नाटक या झूठ फैलाया जाए, सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता।

गहलोत ने याद दिलाया कि इसी साल जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर हुए नरसंहार में एक पाकिस्तानी प्रायोजित आतंकी संगठन का हाथ था। इसके बावजूद पाकिस्तान ने उस संगठन को बचाने की कोशिश की।

भारत ने यह भी उजागर किया कि २५ अप्रैल २०२५ को सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान ने खुलेआम उस आतंकी संगठन के पक्ष में पैरवी की थी। भारत का कहना है कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाला देश किसी भी मंच पर झूठे आरोप लगाकर खुद की सच्चाई नहीं छिपा सकता।


संयुक्त राष्ट्र की सभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा कश्मीरियों के साथ खड़ा है और जल्द ही भारत का “अत्याचार” खत्म होगा। शरीफ ने यहां तक कहा कि कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह होना चाहिए।

शरीफ ने अपने भाषण में दावा किया कि पाकिस्तान आतंकवाद की हर शक्ल का विरोध करता है। उन्होंने विदेशी ताकतों पर आरोप लगाया कि वे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी जैसे संगठनों को पाकिस्तानी सरज़मीं पर हिंसा के लिए उकसाते हैं। लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह से झूठ और अपने गुनाह छुपाने की कोशिश बताया।

कश्मीर के अलावा शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत ने अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि का उल्लंघन किया और इसे “युद्ध के बराबर” करार दिया। भारत ने इस पर साफ कहा कि १९६० में हुई संधि का उल्लंघन पाकिस्तान ने खुद अपने रवैये से मजबूर किया है। नई दिल्ली ने समझौते में अपनी भागीदारी रोक दी और कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता और ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक इस संधि पर वापसी संभव नहीं है।


Updated On 27 Sept 2025 5:12 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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