India Afghanistan vaccine supply : अफगान जनता के स्वास्थ्य सहयोग के अपने निरंतर प्रयासों को दोहराते हुए भारत ने गुरुवार को 63,734 इन्फ्लुएंजा और मेनिनजाइटिस के टीके काबुल भेजे। विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार और देश की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इससे पहले 28 नवंबर को भारत ने अफगानिस्तान को 73 टन जीवनरक्षक दवाएँ, टीके और आवश्यक पोषण सामग्री भी भेजी थीं, ताकि वहाँ की तत्काल स्वास्थ्य और मानव कल्याण की आवश्यकताएँ पूरी की जा सकें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अफगान जनता के लिए निरंतर समर्थन और सहयोग प्रदान कर रहा है।

भारत-अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा 20 नवंबर को हुई थी, जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अज़ीजी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, संपर्क और जन-से-जन संबंधों को सशक्त करने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत अफगान जनता के विकास और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके अतिरिक्त, भारत ने 3 नवंबर को उत्तरी अफगानिस्तान में आए भूकंप से प्रभावित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री और राहत सामग्री भेजी थी। इस भूकंप में बल्ख, समनगन और बगलान प्रांतों में 20 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। भारत ने प्रभावितों के लिए दवाओं और आवश्यक सामग्री की अतिरिक्त खेप भी भेजने की योजना बनाई।

इन प्रयासों से स्पष्ट होता है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच स्वास्थ्य, मानवीय सहायता और विकास के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। यह कदम न केवल तत्काल राहत प्रदान करता है, बल्कि दोनों देशों के बीच स्थायी और मजबूत मित्रता को भी दर्शाता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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