एमवी हॉन्डियस संकट को मिली राहत? 3 मौत,120 यात्रियों की रेस्क्यू के बाद WHO का बड़ा बयान
एमवी हॉन्डियस क्रूज़ जहाज पर हंटावायरस संक्रमण को लेकर WHO ने पुष्टि की है कि फिलहाल बड़े प्रकोप के संकेत नहीं हैं, हालांकि नए मामलों की संभावना बनी हुई है। 11 संदिग्ध मामलों में 9 की पुष्टि हो चुकी है और 3 मौतें दर्ज की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग से 120 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

हंटावायरस संक्रमण
एमवी हॉन्डियस क्रूज़ जहाज पर फैले हंटावायरस संक्रमण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस प्रकोप के बड़े स्तर पर फैलने के कोई संकेत नहीं हैं, हालांकि संक्रमण के और मामले सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। WHO प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने चेतावनी दी कि “स्थिति बदल सकती है,” जिससे आगे और मामलों की पुष्टि संभव है। स्पेन के टेनेरिफ़ द्वीप से शुरू हुए इस घटनाक्रम के बाद एमवी हॉन्डियस जहाज को सोमवार को नीदरलैंड के रॉटरडैम के लिए रवाना किया गया। इसी बीच अंतिम 28 यात्रियों के दो समूह विशेष उड़ानों के माध्यम से मंगलवार को नीदरलैंड के आइंधोवेन एयरपोर्ट पहुंचे। यह पूरी निकासी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत संपन्न की गई।
WHO के अनुसार, जहाज पर अब तक 11 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 9 की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2 अन्य मामलों के भी पॉजिटिव पाए जाने की संभावना जताई जा रही है। अब तक कुल 7 मामलों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इस संक्रमण से जुड़े तीन यात्रियों की मौत भी हो चुकी है, जबकि अमेरिका और फ्रांस के नागरिक, जो पहले ही अपने देशों लौट चुके थे, वे भी संक्रमित पाए गए हैं।
WHO प्रमुख टेड्रोस ने मैड्रिड में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि सभी संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों को आइसोलेट कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन यात्रियों को निकाला गया था, उन्हें ट्रैक कर लिया गया है, जिसमें एक यात्री को सबसे दूरस्थ स्थान से भी विशेष अभियान के तहत सुरक्षित निकाला गया।
स्पेनिश प्रधानमंत्री ने इस अंतरराष्ट्रीय निकासी और क्वारंटीन ऑपरेशन को “सफल” बताते हुए कहा कि 10 विशेष उड़ानों के माध्यम से 120 से अधिक लोगों को सुरक्षित उनके देशों तक पहुंचाया गया, और पूरी प्रक्रिया बिना किसी घटना के संपन्न हुई। WHO ने इस मामले में कैबो वर्डे की प्रतिक्रिया क्षमता से अधिक स्थिति होने के कारण स्पेन से सहायता मांगी थी। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए सभी यात्रियों और संपर्क में आए लोगों के लिए 42 दिनों का सख्त क्वारंटीन लागू किया गया है, जो 10 मई से शुरू होकर 21 जून तक चलेगा।
इस बीच नीदरलैंड के एक अस्पताल में 12 स्वास्थ्यकर्मी भी निगरानी में रखे गए हैं, क्योंकि उन्होंने एक निकाले गए यात्री का इलाज किया था। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में क्वारंटीन किए गए एक अन्य यात्री में हल्का बुखार और श्वसन संबंधी लक्षण पाए गए हैं, हालांकि उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हंटावायरस सामान्यतः संक्रमित कृंतकों और उनके अपशिष्ट से फैलता है, लेकिन इस प्रकोप में पाए गए स्ट्रेन के मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना भी जताई गई है, जिससे सतर्कता और बढ़ गई है।
WHO ने दोहराया है कि वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम अभी भी “कम” है और यह किसी बड़े महामारी के शुरुआती संकेत नहीं हैं, क्योंकि संक्रमण मुख्यतः निकट संपर्क तक ही सीमित है और अब तक किसी सामुदायिक प्रसार के प्रमाण नहीं मिले हैं। यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां समय रहते उठाए गए कदमों ने संभावित बड़े संकट को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
