ईरान-इजराइल महायुद्ध के बिच ऑस्ट्रेलिया के रिफाइनरी में लगी आग ; क्या तेल की कीमतों में फिर आएगा उछाल
ऑस्ट्रेलिया के जिओलॉन्ग ऑयल रिफाइनरी में देर रात भीषण आग लगने से धमाकों के बीच हड़कंप मच गया। गैस लीक या उपकरण खराबी को कारण माना जा रहा है। 13 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन पेट्रोल उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे ईंधन आपूर्ति और कीमतों पर असर की आशंका बढ़ गई है।

ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में स्थित जिओलॉन्ग ऑयल रिफाइनरी में आग
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में स्थित जिओलॉन्ग (कोरियो) ऑयल रिफाइनरी में देर रात करीब 11 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक भीषण आग भड़क उठी। विवा एनर्जी द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण रिफाइनरी में लगी आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया और लगातार हो रहे धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रारंभिक जांच में इस घटना के पीछे उपकरण में खराबी या गैस लीक को संभावित कारण माना जा रहा है, जिसने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।
घटना के बाद दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और करीब 13 घंटे तक लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस आग ने रिफाइनरी के संचालन पर गहरा असर डाला है, जहां कई यूनिट्स फिलहाल सीमित क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे खासकर पेट्रोल उत्पादन प्रभावित हुआ है।
जिओलॉन्ग रिफाइनरी ऑस्ट्रेलिया के ऊर्जा ढांचे का एक अहम हिस्सा मानी जाती है। यह अकेले विक्टोरिया राज्य की लगभग 50 प्रतिशत ईंधन जरूरतों को पूरा करती है, जबकि देशभर की कुल आपूर्ति में इसका योगदान करीब 10 प्रतिशत है। ऐसे में इस घटना के बाद ईंधन आपूर्ति में बाधा और कीमतों में संभावित वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। संबंधित अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि स्थिति का पूरा आकलन अभी जारी है और इसके प्रभाव का दायरा आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल आग को पूरी तरह बुझा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर आपातकालीन टीमें अब भी मौके पर तैनात हैं। रिफाइनरी के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा जांच और नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे से आम जनता को तत्काल कोई खतरा नहीं है और किसी भी प्रकार के खतरनाक प्रदूषण के संकेत नहीं मिले हैं।
इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब देश में केवल दो प्रमुख ऑयल रिफाइनरी ही बची हैं। वैश्विक ईंधन आपूर्ति संकट के बीच यह हादसा न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन गया है। जिओलॉन्ग की इस आग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऊर्जा ढांचे में किसी भी प्रकार की बाधा का प्रभाव कितना व्यापक और दूरगामी हो सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
