फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित आउटरीच सत्र के बाद भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते, रक्षा तथा समुद्री सुरक्षा सहयोग पर द्विपक्षीय बातचीत होगी।

G7 Summit 2026 Evian France : फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 वैश्विक राजनीति और कूटनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है, जहां दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं के जमावड़े के बीच गंभीर चर्चाओं के साथ-साथ कूटनीतिक गर्मजोशी के कई दिलचस्प रंग देखने को मिल रहे हैं। सम्मेलन के कार्य सत्र में पहुंचते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने चिरपरिचित और अनूठे अंदाज में नजर आए, जहां विश्व नेताओं के बीच प्रवेश करते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, "आई एम द बॉस"। ट्रंप की इस अनपेक्षित टिप्पणी ने वहां मौजूद तमाम राष्ट्राध्यक्षों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जिसका वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रही हैं। इस हल्के-फुल्के कूटनीतिक माहौल के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी रिश्तों की बर्फ पिघलती दिखी, जहां ट्रंप ने मेलोनी से शिकायत भरे लहजे में कहा कि आपने मुझे छोड़ दिया है, जिस पर मेलोनी ने बेहद गर्मजोशी से जवाब दिया कि यह सच नहीं है और वे हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं।

इस बहुपक्षीय वैश्विक मंच पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए 'सभी के लिए एक संतुलित, साझा और संधारणीय आर्थिक विकास (सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ) को फिर से शुरू करना' विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आर्थिक असमानता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की कूटनीतिक और आर्थिक सच्चाई यह है कि जब विकास की बात आती है, तो सवाल केवल जीडीपी या व्यापार के आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि असली सवाल यह है कि यह विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है। इसके साथ ही, लगभग 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली द्विपक्षीय महामुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, जिसमें दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और रक्षा, ऊर्जा व महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर मुख्य रूप से चर्चा होनी तय मानी जा रही है।

इस द्विपक्षीय वार्ता के रणनीतिक और कूटनीतिक पहलू दोनों देशों के भविष्य के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई पिछली मुलाकात के बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। वाशिंगटन द्वारा भारत पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ और भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को कम करने में अमेरिकी भूमिका को लेकर किए गए विवादास्पद दावों के कारण उपजे तनाव को कम करने के लिए पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी भारत का दौरा किया था। हालांकि, पिछले हफ्ते ओमान के तटीय क्षेत्र में अमेरिकी सेना द्वारा तीन व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक तल्खी एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। भारत सरकार ने इस गंभीर मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब कर इन हमलों को पूरी तरह से 'अस्वीकार्य' करार दिया है। जी-7 सत्र में भी पीएम मोदी ने दोटूक लहजे में कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते पूरी तरह सुरक्षित रहें और समुद्री कर्मी बिना किसी डर के अपना काम कर सकें, जिसके बाद अब इस शिखर सम्मेलन के अंत में होने वाली मोदी-ट्रंप वार्ता न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को एक नई दिशा देगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा के लिहाज से भी इसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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