न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव का परिणाम मंगलवार को सामने आया, जिसमें भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। 34 वर्षीय ममदानी भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर और युगांडा के भारतीय मूल के लेखक महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन पार्टी के कर्टिस स्लिवा को हराकर मेयर पद पर कब्जा किया। ममदानी अब न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बन गए हैं।

चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। न्यूयॉर्क चुनाव बोर्ड के अनुसार, पिछले 50 वर्षों में यह मेयर पद के लिए सबसे अधिक मतदान था, जिसमें 20 लाख से अधिक नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ममदानी का प्रचार अभियान मुख्य रूप से महंगाई को नियंत्रित करने और नागरिकों की जीवनशैली में सुधार लाने पर केंद्रित रहा। उनके करिश्माई व्यक्तित्व और जनप्रिय नीतियों ने पूर्व गवर्नर कुओमो की राजनीतिक वापसी की कोशिशों को विफल कर दिया।

चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोहरान ममदानी को "कम्युनिस्ट उम्मीदवार" करार देते हुए चेतावनी दी थी कि उनकी जीत से शहर बर्बाद हो जाएगा। ट्रंप ने कहा था कि अगर ममदानी जीतते हैं तो फेडरल फंडिंग न्यूनतम स्तर तक सीमित कर दी जाएगी। उन्होंने ममदानी की नीतियों को असफल बताया और उनका नेतृत्व नाकाम साबित करने की चेतावनी दी। इस बीच, जोहरान ममदानी ने जीत के बाद अपने समर्थकों के सामने भाषण देते हुए भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रसिद्ध भाषण 'Tryst with Destiny' का हवाला दिया। ममदानी ने कहा, "इतिहास में कभी-कभी ऐसा क्षण आता है जब हम पुराने युग से नए युग में कदम रखते हैं। आज रात, न्यूयॉर्क ने वही किया है। हमने पुराने से नए युग में कदम रख लिया है।"

ममदानी की ऐतिहासिक जीत न केवल न्यूयॉर्क शहर में, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। विश्व के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी शहर के मेयर बनने के बाद अब ममदानी से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह जीत अमेरिकी राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत है। उन्होंने शहर के लिए महंगाई पर रोक, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता जैसे विषयों को अपने एजेंडे में रखा है। इस चुनाव ने यह भी दर्शाया कि न्यूयॉर्क के मतदाताओं ने पारंपरिक राजनीतिक अनुभव और पार्टी निष्ठा से अधिक जनहितकारी नीतियों और वादों को तरजीह दी है। ममदानी की यह सफलता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी एक अहम राजनीतिक चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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