एस जयशंकर और UNGA अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक की बैठक; UN सुधारों पर चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष के साथ बहुपक्षवाद में सुधार, ग्लोबल साउथ की आवाज और एआई के प्रभाव जैसे वैश्विक मुद्दों पर मंथन किया।

द्विपक्षीय बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक (बाएं से दाएं)
UN reforms and West Asia discussion Delhi : नई दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस की दीवारों ने मंगलवार को एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के एक नए अध्याय की गवाही दी। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक, जो भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं, ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। यह मुलाकात महज एक औपचारिक शिष्टाचार नहीं थी, बल्कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की बढ़ती धमक और संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की छटपटाहट का प्रतिबिंब थी। बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें सतत विकास लक्ष्यों (SDG) से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उभरते खतरों और पश्चिम एशिया के सुलगते हालातों तक पर विस्तार से चर्चा की गई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुलाकात के बाद कूटनीतिक गर्मजोशी दिखाते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया कि बेयरबॉक की मेजबानी करना न केवल सुखद था, बल्कि यह चर्चा वैश्विक राजनीति के भविष्य को लेकर बेहद सार्थक रही। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'बहुपक्षवाद में सुधार' रहा। भारत लंबे समय से इस बात की वकालत करता रहा है कि संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं को आज की वास्तविकताओं के अनुरूप ढलना होगा। जयशंकर ने विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' (वैश्विक दक्षिण) के देशों की आवाज और उनकी प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उचित प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह भारत के उस संकल्प को दोहराता है जहां वह दुनिया के विकासशील और कम विकसित देशों की आवाज बनकर उभर रहा है।
अपनी यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत बेयरबॉक ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की, जो भारत की अहिंसा और शांति की विरासत के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। गौरतलब है कि बेयरबॉक की यह यात्रा भारत सरकार के विशेष निमंत्रण पर हो रही है, जो इस वर्ष फरवरी में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की एआई इम्पैक्ट समिट के लिए हुई यात्रा के बाद संयुक्त राष्ट्र के किसी शीर्ष अधिकारी का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण दौरा है। एनालेना बेयरबॉक के लिए भारत की गलियां और कूटनीति नई नहीं हैं; 2022 में जर्मनी की विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने दिल्ली मेट्रो के सफर से लेकर भारत की जीवंतता को करीब से महसूस किया था।
बेयरबॉक का यह मानना कि "भारत 21वीं सदी की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा," अब हकीकत में तब्दील होता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष के रूप में उनकी यह पहली भारत यात्रा न केवल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि भविष्य की वैश्विक नीतियों का निर्धारण अब नई दिल्ली को केंद्र में रखकर ही किया जाएगा। यह मुलाकात इस बात की पुष्टि करती है कि वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार की जो मांग भारत उठा रहा है, उसे अब वैश्विक मंचों पर नजरअंदाज करना नामुमकिन है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
