12 बजे की घड़ी पर हर शख्स को करना होता है 12 अंगूर का सेवन; जाने स्पेन की अनोखी नववर्ष परंपरा
स्पेन की अनोखी परंपरा, जहां नए साल की रात 12 अंगूर खाने से सौभाग्य की कामना की जाती है, अब भारत में भी सोशल मीडिया के जरिए लोकप्रिय हो रही है। यह रस्म न केवल सौभाग्य का प्रतीक है बल्कि नए साल में खुशियों और उमंग का उत्सव भी बन गई है।

Spain New Year Tradition : नया साल आने को है और दुनिया भर में इसकी खुशियाँ अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाई जाती हैं। इनमें से एक अनोखी और चर्चित परंपरा स्पेन की है, जिसमें नए साल की रात जैसे ही घड़ी में 12 बजे की घण्टी बजती है, लोग 12 अंगूर खाते हैं। इसे Las doce uvas de la suerte कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'सौभाग्य के बारह अंगूर'। इस रस्म के अनुसार हर अंगूर साल के 12 महीनों का प्रतीक है और इसे खाने के दौरान लोग आने वाले साल में खुशियों, समृद्धि, प्यार और सौभाग्य की कामना करते हैं।
इस परंपरा की शुरुआत 1909 में हुई थी, जब स्पेन में अंगूर की अधिक पैदावार होने के कारण किसानों को उन्हें बेचने में कठिनाई हो रही थी। मजाक-मजाक में उन्होंने सुझाव दिया कि नए साल की रात 12 अंगूर खाओ, इससे सौभाग्य आएगा। धीरे-धीरे यह मजाक एक सांस्कृतिक परंपरा में बदल गया और अब यह पूरे देश में नए साल की पहचान बन चुका है। स्पेन में इस दौरान टीवी पर घड़ी की घंटियों की आवाज सुनाई देती है और पूरा देश एक साथ अंगूर खाते हुए नजर आता है।
हाल ही में यह परंपरा सोशल मीडिया के जरिए भारत में भी तेजी से फैल रही है। अब भारतीय नववर्ष उत्सवों में लोग 31 दिसंबर की रात अंगूर की प्लेट सजाकर 12 बजे का इंतजार करते हैं। कई लोग हर अंगूर के साथ एक इच्छा मांगते हैं और मानते हैं कि यह मनोकामना अगले साल पूरी होगी। इस वजह से यह रस्म अब सिर्फ सांस्कृतिक परंपरा नहीं रह गई है, बल्कि नए साल की उम्मीद और जश्न का प्रतीक बन गई है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
