Israel US Iran War Live Update Day 27 : पश्चिम एशिया में जारी भीषण जंग अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुकी है। आज युद्ध के 27वें दिन इजरायली वायुसेना ने ईरान के सामरिक हृदय स्थल इस्फहान और दक्षिणी शहर शिराज पर मिसाइलों की ऐसी लहर दागी, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। एक तरफ जहाँ इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को मलबे में तब्दील करने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से सनसनीखेज बयान देते हुए कहा है कि 'हमने यह युद्ध जीत लिया है।' हालांकि, युद्ध के मैदान से आती खबरें ट्रंप के इस दावे के विपरीत एक अलग ही खौफनाक मंजर पेश कर रही हैं। लेबनान से लेकर अबू धाबी और सऊदी अरब तक आसमान से बरसती मिसाइलें और गिरता मलबा बेगुनाह लोगों की जान ले रहा है।

इस्फहान और शिराज पर इजरायली प्रहार :

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उनकी वायुसेना ने ईरान के मध्यवर्ती शहर इस्फहान में 'आतंकवादी शासन' के सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों की कई लहरें पूरी कर ली हैं। इस्फहान, जो ईरान का प्रमुख औद्योगिक और मिसाइल उत्पादन केंद्र है, वहाँ हुए इन हमलों ने तेहरान की सैन्य रीढ़ को कमजोर करने की कोशिश की है। इसी क्रम में शिराज स्थित एक विशाल मिसाइल बेस पर भी अमेरिकी और इजरायली विमानों ने एयरस्ट्राइक की, जहाँ बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण और भंडारण किया जाता था। इस बीच, इजरायल ने एक बड़ी रणनीतिक सफलता का दावा करते हुए IRGC नेवी के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराने की घोषणा की है। तंगसीरी को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का मुख्य रणनीतिकार माना जाता था, और उनकी मौत ईरान के लिए एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक और सैन्य झटका है।

डोनाल्ड ट्रंप का 'विक्ट्री' मैसेज और कूटनीतिक हलचल :

पेंटागन और व्हाइट हाउस में जारी गहमागहमी के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब पूरी तरह कमजोर हो चुका है और परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान एक 'बड़ा तोहफा' देने को तैयार है और समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है। हालांकि, ईरान ने सार्वजनिक तौर पर किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख इस समय मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और शांति वार्ता के लिए मंच तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। इस कूटनीतिक खींचतान के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी फ्रांस पहुँच चुके हैं, जहाँ वे G7 की बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने पर भारत का पक्ष रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात कर क्षेत्र में शांति बहाली की अपील की है।

रणक्षेत्र में रूस की एंट्री और होर्मुज पर 'टोल टैक्स' का नया कानून :

युद्ध के इस भीषण दौर में पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने ईरान को ड्रोन, दवाइयां और खाद्य सामग्री की पहली 'घातक' खेप भेजनी शुरू कर दी है, जो इस जंग में रूस के सीधे हस्तक्षेप का संकेत है। दूसरी तरफ, आर्थिक रूप से घिरे ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 'आधिकारिक टोल टैक्स' वसूलने का कानून बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। ईरान का तर्क है कि यह उसका आंतरिक जल क्षेत्र है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय जहाजों को यहाँ से गुजरने के लिए अब भारी कीमत चुकानी होगी। इसके साथ ही, ईरानी संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्षेत्रीय देश ने ईरान के द्वीपों पर कब्जे की कोशिश में अमेरिका या इजरायल की मदद की, तो उनकी बुनियादी सुविधाओं को बिना किसी सीमा के निशाना बनाया जाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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