federal reserve chair jerome powell : पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को न्याय विभाग द्वारा फेडरल रिजर्व को जारी किए गए समन के मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से साफ इनकार किया है। ट्रंप ने रविवार रात एनबीसी न्यूज को दिए गए एक संक्षिप्त साक्षात्कार में कहा, "मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन वह निश्चित रूप से फेडरल रिजर्व को संभालने में बहुत अच्छे नहीं हैं।"

यह विवाद फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल और उनके कार्यालय भवनों के नवीनीकरण से जुड़े संभावित आपराधिक अभियोग की धमकी से जुड़ा है। पॉवेल ने स्पष्ट किया कि कानून के तहत कोई भी व्यक्ति, यहाँ तक कि फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष भी, कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने प्रशासन की इस अभूतपूर्व कार्रवाई को राजनीतिक दबाव और लगातार हस्तक्षेप के व्यापक संदर्भ में देखा जाने की आवश्यकता बताई।

विशेषज्ञों और सांसदों ने इस कदम को ट्रंप के एक साल लंबे अभियान के हिस्से के रूप में देखा, जिसमें उन्होंने ब्याज दरें कम करने के लिए पॉवेल पर दबाव डाला। पॉवेल ने कहा कि प्रशासन का यह कदम उनके निर्णयों को जनता के हित के बजाय राष्ट्रपति की प्राथमिकताओं से जोड़ने का प्रयास प्रतीत होता है।

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि न्याय विभाग के समन का ब्याज दरों से कोई लेना-देना नहीं है और यह केवल प्रशासन की चिंता के कारण लिया गया कदम है। उन्होंने आगे कहा कि पॉवेल ने कई लोगों को दुख पहुंचाया और जनता की अपेक्षाओं के अनुसार उन पर दबाव होना स्वाभाविक है।

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हुई। बैंकिंग समिति के सदस्य सीनेटर थॉम टिलिस ने कहा कि वह तब तक किसी भी फेडरल रिजर्व पद की पुष्टि के लिए मतदान नहीं करेंगे, जब तक यह कानूनी मामला पूरी तरह से हल नहीं हो जाता। वहीं, सीनेटर एलिज़ाबेथ वॉरेन ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को समाप्त करने के लिए न्याय विभाग का दुरुपयोग कर रहे हैं।

फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में पॉवेल का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है, लेकिन वह बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य के रूप में 2028 तक बने रहेंगे। व्हाइट हाउस ने मामले पर टिप्पणी से इनकार किया, जबकि न्याय विभाग ने किसी विशिष्ट मामले पर टिप्पणी न करने की बात कही।

यह विवाद ट्रंप के उन प्रयासों के बीच आया है, जिसमें उन्होंने पूर्व और वर्तमान सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आह्वान किया, जिसमें पूर्व एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी, सीनेटर एडम शिफ और न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स शामिल थे। यह मामला अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में न्याय विभाग और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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