क्या बांग्लादेशी पुलिस ने ही दीपू को कट्टरपंथी मुसलमानों को सौंप दिया? जानिए वायरल वीडियो की कहानी
म्यमेन्सिंग, बांग्लादेश में हिंदू मजदूर दीपु चंद्र दास की क्रूर हत्या और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो जिसमें पुलिस पर हमलावरों के हवाले करने का आरोप लगाया गया। घटना ने मानवता और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

दीपु चंद्र दास हत्या मामला
मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना ने म्यमेन्सिंग जिले को हिला कर रख दिया है। हिंदू फैक्ट्री मजदूर दीपु चंद्र दास की हिंसक हत्या और उसकी आग में जलाए जाने की खबर ने पूरे देश में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि पुलिस ने मृतक को कट्टरपंथी हमलावरों के हवाले कर दिया।
घटना 18 दिसंबर 2025 की है, जब दीपु चंद्र दास अपने कार्यस्थल के पास ही एक भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद क्रूर रूप से पीटे गए। आरोप है कि उन्हें ब्लैस्फेमी यानी धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। घटना स्थल पर भीड़ ने उन्हें पकड़कर एक पेड़ से बांध दिया और बाद में आग लगा दी। वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दिखाया गया कि मृतक बार-बार मदद के लिए पुकार रहा था, कह रहा था, "सर, मैं निर्दोष हूँ। मैं कुछ गलत नहीं किया।"
दीपू चंद्र दास रोते रहा 😭
— Chandan Sharma (@ChandanSharmaG) December 22, 2025
गिड़गिड़ाते रहा
लेकिन बांग्लादेश पुलिस ने उसे कट्टरपंथी मुसलमानों के हाथों मरने के लिए सौंप दिया
दीपू बार बह बार बोल रहा था
सर मैं निर्दोष हूं
सर मैं निर्दोष हूं
सर मैंने कुछ भी ग़लत नही किया
फिर भी बांग्लादेश पुलिस जो मुसलमानों से भरी हुई है,… pic.twitter.com/4wd3llhZ16
अधिकारिक रिपोर्ट और पुलिस के बयान के अनुसार, यह दावा पूरी तरह सत्यापित नहीं है। पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) को घटना स्थल पर बुलाया गया था, लेकिन भीड़ और ट्रैफिक के कारण उनकी पहुँच तब तक नहीं हो सकी जब तक हिंसा बढ़ चुकी थी। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रयास किया, न कि किसी तरह से मृतक को उनके हवाले करने का आदेश दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मदद के लिए पुकार रहा व्यक्ति दीपु चंद्र दास हैं। हम इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
